रेलमंत्री इस्तीफा दें। यह समाजवादी पार्टी की नई मांग है। पार्टी ने बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी से भरी ट्रेन की बोगियों के क्रम में रेलमंत्री पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए यह मांग की है। इसको लेकर समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राज्यसभा में मुद्दा उठाया और सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार मदद मांगे, तभी केन्द्र मदद देता है, सीधे-सीधे नहीं दे सकता।
अग्रवाल ने कहा कि रेलमंत्री राज्य और केन्द्र के संबंधों को ताक पर रखकर राजनीति कर रहे हैं। नरेश ने कहा कि ऐसे मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। नरेश अग्रवाल ने कहा कि यह तो बुंदेलखंड का राजनीतिकरण अपने आप हो गया। नीति आयोग की बैठक में राज्य सरकार ने टैंकर मांगे थे। तब तालाब खुदाई का और बांध का पैसा मांगा था। हमने रेल मांगी कब थी? जब राज्य सरकार ने मांगी नहीं तो वहां पानी की ट्रेन भेजने का क्या औचित्य था?
नरेश के इस एतराजज पर सुरेश प्रभु ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि पानी अचानक नहीं भेजा गया था। प्रभु ने कहा कि इसके बाबत उन्होंने खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को फोन किया था और वह आगे भी मदद के लिए तैयार हैं। इस मामले में मायावती ने भी अपनी राय रखी। मायावती ने कहा कि पानी को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को पानी की बोगियों वाली ट्रेन ले लेनी चाहिए थी। जद(यू) के शरद यादव ने भी यही दोहराया कि पानी पर राजनीति नहीं होनी चाहिएऔर दोनों सरकारों को मिलकर काम करना चाहिए। लेकिन सपा सांसद संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने सदन से वॉक आऊट कर दिया।
क्या है मामला
रतलाम से टैंकर लेकर आई मालगाड़ी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
पानी को लेकर शुरू हुए विवाद में बसपा अध्यक्ष मायावती ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि उ.प्र. सरकार को पानी ले लेना चाहिए था। इसकी आड़ में राजनीति करना ठीक नहीं है। वहीं रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपनी सफाई में कहा, 'झांसी में पानी भरा गया। मैंने खुद अखिलेश को फोन किया, हम राजनीति नहीं चाहते। हम मदद करने के लिए तैयार हैं। मिलकर काम करने की आवश्यकता है।'
उ.प्र. के बुंदेलखंड क्षेत्र में सूखे की स्थिति है। कई और क्षेत्र भी प्रभावित हैं। प्रधानमंत्री ने इसके बाबत सात मई को बैठक बुलाई है और इसमें मुख्यमंत्री अखिलेश के शामिल होने की संभावना है। लेकिन पहले ही इसको लेकर राजनीति शुरु हो गई है। जबकि सूखे के संकट से जूझ रहे लातूर में पानी की ट्रेन भेजने जैसे कदम की जमकर तारीफ हुई थी।
क्यों हुआ हंगामा
बुंदेलखंड में सूखे के हालात काफी समय से राजनीति का केनक्द्र बने हैं। पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष ने राहुल गांधी ने इस मुद्दे को धार दी थी। अब रेल मंत्री की पहल पर पानी की ट्रेन जाने के बाद अचानक यह मुद्दा फिर गरमा गया। माना जा रहा है कि अगले साल राज्य में चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने झांसी के स्टेशन पर खड़ी ट्रेन को जहां लेने से मना कर दिया, वहीं समाजवादी पार्टी, बसपा ने सदन में अपने हिसाब से राजनीति का पत्ता फेट दिया है।