इससे पहले अखिलेश यादव ने सपा कार्यकर्ताओं के द्वारा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के सांकेतिक उद्घाटन करने की फोटो भी ट्वीट की थी। उन्होंने लिखा, 'फीता आया लखनऊ से और नई दिल्ली से कैंची आई, सपा के काम का श्रेय लेने को मची है 'खिचम-खिंचाई'। आशा है अब तक अकेले में बैठकर लखनऊ वालों ने 'समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे' की लंबाई का आंकड़ा रट लिया होगा। सपा 'बहुरंगी पुष्पवर्षा' से इसका उद्घाटन करके एकरंगी सोच वालों को जवाब देगी।
एसपीजी प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी
सुरक्षा एजेंसी के पूर्व अधिकारी बताते हैं, प्रधानमंत्री मोदी जब हवाई जहाज से उतरते हैं तो वहां एसपीजी प्रोटोकॉल का पालन करना पड़ता है। अभी तक जितने भी दौर होते हैं, एसपीजी द्वारा वह जगह तय की जाती है, जहां पर प्रधानमंत्री की अगवानी करने वाले लोग खड़े होते हैं। कई मौकों पर हवाई जहाज के बहुत करीब ही वह जगह निर्धारित की जाती है। अमूमन, अगवानी करने की जगह को बदला नहीं जाता। कौन कहां पर खड़ा होगा, पीएम की गाड़ी कहां पर रुकेगी, इसमें एक फ़ीट का बदलाव भी संभव नहीं होता। केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही ऐसा संभव हो सकता है।
सामान्य परिस्थितियों में प्रधानमंत्री की अगवानी करने के लिए जो लाइन तय की जाती है, वही बनी रहती है। बाकायदा उसके लिए रिहर्सल भी होती है। एसपीजी के अलावा यूपी के मुख्य सचिव और डीजीपी के पास वह ब्यौरा रहता है। ये देखने वाली बात है कि यहां पर सीएम योगी को पैदल क्यों चलना पड़ा। आप सांसद संजय सिंह ने ट्वीटर पर लिखा, 24 करोड़ की आबादी वाले देश के सबसे बड़े सूबे यूपी के सीएम योगी जी को पैदल कर दिया। संजय सिंह ने लिखा, ये तो बिलकुल ही अपमान है। मोदी जी खुद तो आप आलीशान गाड़ी में बैठ गये और हमारे मुख्यमंत्री जी को सड़क पर अकेला छोड़ दिया।