सोशल मीडिया का नकारात्मक उपयोग कर समाज को भड़काने या अफवाहें फैलाने की सूचनाओं के बीच यहां उसके जरिए एक परिवार को पुत्री के विवाह में मदद कर उसके सकारात्मक पक्ष का उपयोग किया गया। रेवतीपुर के पिपरा में पिछले साल एक व्यक्ति की झोपड़ी में आग लगने से उसकी पूरी गृहस्थी नष्ट हो गई थी। 18 साल की बेटी और उसकी चाची झुलस गई थीं।
अग्निकांड के कुछ महीनों बाद ही बेटी की शादी तय हो गई, लेकिन आग लगने से बरबाद हो चुका परिवार शादी का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं था। इसकी जानकारी जब एक समाज सेवी संगठन को मिली तो उन्होंने इसकी सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी। इसके बाद लोगों ने मदद का हाथ बढ़ाया और 22 अप्रैल को धूमधाम से शादी हो गई।
इससे पहले बिटिया की शादी की तैयारी को लेकर बेहद परेशान मजदूर ने अपनी व्यथा समग्र विकास इंडिया के ब्रजभूषण दूबे को बताई। उन्होंने फेसबुक और वाट्सऐप के जरिये लोगों से मदद की अपील की। इसका असर यह हुआ कि दर्जनों लोगों ने मदद के लिये हाथ बढ़ाया।
हुल्लास सेवा संस्थान करहिया के अध्यक्ष अमित महाराज ने 21 साड़ियों के साथ 2100 रुपये भिजवाए। वहीं एक थाना प्रभारी ने भी 5001 रुपये का योगदान दिया। व्यापारी कुम्भनाथ जायसवाल ने दस सेट कपड़ों के साथ आर्थिक सहयोग दिया। इसी तरह और भी कई लोगों ने मदद की। जिसके बाद उसने 22 अप्रैल को बेटी के हाथ पीले कर दिए।