गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी अमेरिकी दिग्गज टेक कंपनियों को फर्जी खबरों पर लापरवाही को लेकर सरकार ने एक बार फिर सख्त नसीहत दी है। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही हुई एक बैठक में सरकारी अधिकारियों ने इन कंपनियों को खरी-खरी सुनाते हुए फर्जी खबरों को लेकर सख्त नीति अपनाने की नसीहत दी। इन्हें देश की छवि नहीं बिगाड़ने की दो टूक हिदायत भी दी।
गूगल बोला, कड़े कदम उठा रहे
बैठक को लेकर गूगल के अधिकारियों ने कहा, वह फर्जी खबरों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठा रहे हैं। आगे भी निगरानी बढ़ाएंगे। उन्होंने साथ ही सरकार से फर्जी खबरों को लेकर उसके कदमों को सार्वजनिक करने के बजाय सीधे गूगल से इस मसले को साझा करने की सलाह दी। हालांकि सरकार ने इसे खारिज करते हुए तर्क दिया कि जब तक इस मसले को सार्वजनिक नहीं किया जाता, तब तक लोगों में इन फर्जी खबरों के प्रति जागरूकता नहीं फैलेगी और इनसे बचने की सीख नहीं मिलेगी। वहीं फेसबुक और ट्विटर ने इस बैठक के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
शेयरचैट व कू भी बैठक में थे
बैठक में घरेलू कंपनियां शेयर चैट व कू के अधिकारी भी मौजूद रहे। इनका दावा था कि ये दोनों देश के कानून के दायरे में रहकर काम करते हैं। फर्जी खबरों और देश-विरोधी सामग्री पर कड़ी निगरानी रखी जाती है।
रूस के बाद भारत ने की सबसे अधिक शिकायतें
फर्जी खबरों को लेकर भारत की सतर्कता काफी अधिक है। प्रौद्योगिकी वेबसाइट कम्पेयरिटेक के मुताबिक 2020 में भारत ने रूस के बाद सबसे अधिक 97631 शिकायतें कीं और फर्जी खबरों की सामग्री विभिन्न सोशल मीडिया मंचों से हटवाईं। इनमें ज्यादातर सामग्री फेसबुक और गूगल से हटवाई गई।