वर्तमान में जमीन पर रेंगने वाले सांपों के कभी हाथ पैर भी हुआ करते थे। एक ताजा अध्ययन में इस बात का पता चला है कि जैविक परिवर्तन के चलते सरीसृप प्रजाति के जीवों में 10 लाख सालों के दौरान पैर और भुजाएं लुप्त होती चली गई।
शोधकर्ताओं ने बताया कि डीएनए का फैलाव शरीर में अंगों के निर्माण के लिए उत्तरदायी होता है जो कि सांपों के जैविक परिवर्तन का कारण बना। शोधकर्ताओं ने जब सांप का डीएनए चूहे के अंदर प्रविष्ट करवाया तो उससे एक संक्षिप्त (छिन्न-भिन्न) अंग का विकास हुआ, जो कि यह बताता है कि डीएनए में नाजुक से खिंचाव (फैलाव) के चलते सांपों के विकास के दौरान अंगों की वृद्धि को बाधित कर दिया।
डीएनए में ऐसे कई घटक होते है जो अंगों जैसे रीढ़ की हड्डी पैर आदि के निर्माण के लिए जरूरी होते हैं। लेकिन सांपों में इसकी लगातार होती कमी के चलते सांपों में पैरों और भुजाओं का विकास बाधित होता गया और अंत में लुप्त हो गया।