केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता की बदौलत महिला नेतृत्व में विकास पहली बार जी20 की बैठकों के दौरान विचार-विमर्श का विषय बना। गांधीनगर में 'महिला सशक्तिकरण पर मंत्रिस्तरीय सम्मेलन' के निष्कर्षों के संबंध में मीडिया से बात करते हुए ईरानी ने कहा कि भारत के जी-20 की अध्यक्षता संभालने से पहले महिलाओं से संबंधित विषय कभी भी चर्चा के केंद्र में नहीं थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद, जिन्होंने जी-20 के इतिहास में पहली बार महिलाओं के नेतृत्व में विकास विचार-विमर्श का विषय बन गया। उन्होंनेक कहा कि यह पहली बार है कि महिलाओं के नेतृत्व के एजेंडे को जी20 की बैठकों में शामिल किया गया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे पहले जी-20 में कभी भी ग्रामीण या साधारण पृष्ठभूमि की महिलाओं की भागीदारी नहीं देखी गई थी, लेकिन भारत की अध्यक्षता में ऐसी महिलाओं को अब जी-20 में एक आवाज मिल गई है। उन्होंने कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता ने न्याय को विश्व नेताओं की मुख्य मेज पर ला दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनिश्चित किया कि महिलाओं को बातचीत के हाशिये पर न रखा जाए। जी-20 संवाद, प्रवचन और विचार-विमर्श के इतिहास में पहली बार महिला नेतृत्व का एजेंडा बातचीत के केंद्र में रहा है।
गुजरात की राजधानी गांधीनगर में हुए महिला सशक्तिकरण पर जी-20 सम्मेलन में ऑस्ट्रेलिया, जापान, सऊदी अरब और अमेरिका सहित 15 जी-20 देशों और बांग्लादेश तथा संयुक्त अरब अमीरात जैसे पांच अतिथि देशों के 138 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। ईरानी ने कहा कि सम्मेलन के प्रमुख निष्कर्षों में से एक टेकइक्विटी (TechEquity) था, जो महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारत द्वारा तैयार किया गया एक डिजिटल समावेशी मंच है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब तक भारत ने जी-20 की अध्यक्षता नहीं संभाली थी, तब तक जमीनी स्तर पर जी-20 में महिलाओं को अपनी बात रखने का मौक नहीं मिला। भारत का योगदान TechEquity है, जिसमें G-20 देशों द्वारा 120 अंतरराष्ट्रीय और भारतीय भाषाओं में पाठ्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके लिए G20 EMPOWER टीम को धन्यवाद।