प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें धारा 376(2)(एन), 506, 354ए(1)(ii), 354(बी) एवं 354(सी) और आईटी अधिनियम की धाराएं भी शामिल हैं।
अश्लील टेप मामले में जेडीएस सांसद प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा पूर्व कर्नाटक मंत्री एचडी रेवन्ना और उनके बेटे एवं हासन के सांसद प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ नए मामले दर्ज किए गए हैं। युवक ने आरोप लगाया कि प्रज्ज्वल ने उसकी मां को वीडियो वायरल होने के बाद अपहरण कर लिया था। बता दें कि एचडी रेवन्ना ने शुक्रवार को बंगलूरू सत्र अदालत में अपनी जमानत याचिका वापस ले ली। दरअसल, एसआईटी ने अदालत को बताया कि उनके खिलाफ दर्ज मामले में कोई गैर-जमानती आरोप नहीं हैं।
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इससे पहले इस मामले में प्रज्ज्वल के खिलाफ कर्नाटक पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मामला दर्ज किया था। प्रज्ज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते हैं। एएनआई के अनुसार, उन्हें एफआईआर में एकमात्र आरोपी के तौर पर नामित किया गया है। एसआईटी की टीम ने गुरुवार को मजिस्ट्रेट की अदालत में एफआईआर सौंपी।
प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें धारा 376(2)(एन), 506, 354ए(1)(ii), 354(बी) एवं 354(सी) और आईटी अधिनियम की धाराएं भी शामिल हैं।
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घर में काम करने वाली महिला ने दर्ज किया था मामला
इससे पहले प्रज्ज्वल रेवन्ना और उनके पिता एचडी रेवन्ना के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामाला दर्ज किया गया था। उनके घर में काम करने वाली एक महिला ने दोनों के खिलाफ यौन उत्पीड़न करने, धमकी देने, पीछा करने और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया था। प्रज्ज्वल रेवन्ना हासन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद वह विवादों में फंस गए।
हासन में मतदान के बाद ही जर्मनी चले गए प्रज्ज्वल रेवन्ना
हासन में मतदान होने के बाद ही प्रज्ज्वल रेवन्ना जर्मनी चले गए। एसआईटी की टीम ने दुनिया भर के सभी आव्रजन केंद्रों में उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। उन्हें गुरुवार यानी की दो मई को एसआईटी के समक्ष पेश होना था। उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए बंगलूरू की एक अदालत में याचिका दायर की थी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि जेडीएस नेता ने जर्मनी यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं मांगी थी। बता दें कि यह मामला अब भाजपा और कांग्रेस के बीच ताजा विवाद का मुद्दा बन गया है, क्योंकि जेडीएस कर्नाटक में एनडीए गठबंधन का हिस्सा है।