तमिलनाडु में पहचान छिपा कर रह रहे श्रीलंका के छह तमिलों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। ये लोग एक अवैध नौका के जरिए श्रीलंका वापस भागने की फिराक में थे। पुलिस ने बताया कि ये लोग 2012 में भारत आए और इन लोगों ने जाली दस्तावेजों से आधार कार्ड भी बनवा लिया। इतना ही नहीं उनके यहां बैकों में खाते भी खुल गए।
ये लोग चेन्नई के निकट तिरुवल्लूर इलाके में पनाह लिए हुए थे। श्रीलंका में गृहयुद्ध की समाप्ति के बाद ये लोग अपने मुल्क लौटने की चाह में इन लोगों ने नौका वाले को 40 हजार रुपये पेशगी दिए और नौका आने का इंतजार कर रहे थे तभी पुलिस ने उनको धरदबोचा। इन लोगों को जेल भेज दिया गया है।
श्रीलंकाई नेवी ने खदेड़े 3000 भारतीय मछुआरे
श्रीलंकाई नेवी के गश्ती दलों ने मंगलवार को कटछातीवू टापू के करीब मछली पकड़ रहे 3000 भारतीय मछुआरों को वहां से खदेड़ दिया। एक सप्ताह में दूसरी बार की गई इस कार्रवाई में आरोप है कि श्रीलंकाई नेवी ने मछुआरों का बहुत दूर तक पीछा करने की भी कोशिश की।
रामेश्वरम मछुआरा संघ के अध्यक्ष एस. एमिरेत ने बताया कि कटछातीवू टापू शहर के मछुआरे सोमवार को करीब 500 नावों पर सवार होकर समुद्र में गए थे। लेकिन मंगलवार सुबह अचानक श्रीलंकाई नेवी के गश्ती दल ने वहां आकर उन्हें खदेड़ना शुरू कर दिया।
विरोध करने पर मछुआरों पर बंदूकें तानते हुए उन्हें जबरन वहां से जाने को मजबूर किया गया। इससे पहले शनिवार को भी करीब 50 नाव में सवार श्रीलंकाई नेवी के गश्ती दलों ने यहीं पर भारतीय मछुआरों को खदेड़ते हुए उनके मछली पकड़ने के उपकरण नष्ट कर दिए थे।