दिल्ली भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया लंबे समय से कह रहे हैं कि वे जांच के लिए हमेशा तैयार हैं। उन्होंने दावा किया था कि उनकी शराब नीति में कोई घोटाला नहीं हुआ है, लेकिन अब जब उनसे सवाल-जवाब किए जा रहे हैं, वे जांच से बचने के बहाने तलाश रहे हैं।
सीबीआई के द्वारा मनीष सिसोदिया को जांच के लिए बुलाने के मामले में एक बार फिर भाजपा और आम आदमी पार्टी में ठन गई है। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि इस मामले में अब तक कुछ नहीं मिला है और इस तरह की जांच केवल बदले की कार्रवाई है। भाजपा ने मनीष सिसोदिया पर जांच से भागने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
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इसके पूर्व कुछ समय से ठंडे बस्ते में जाते दिख रहे शराब घोटाले में एक बार फिर राजनीति तेज हो गई जब सीबीआई ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जांच के लिए बुलाया। माना जा रहा है कि इस बार भी जांच एजेंसी नए सवालों के साथ सिसोदिया से पूछताछ के लिए तैयार हो गई है। इस बार सिसोदिया को कमीशन में अप्रत्याशित बढ़ोतरी से संबंधित सवाल पूछे जा सकते हैं जो उनके साथ-साथ आम आदमी पार्टी के दूसरे नेताओं को भी परेशान कर सकता है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मनीष सिसोदिया के पास से जांच एजेंसी को कुछ ऐसे प्रमाण मिले हैं जो उनके खिलाफ जा सकते हैं। इसमें सबसे बड़ा प्रमाण मामले के सहअभियुक्तों की एजेंसी के सामने दी गई गवाही हो सकती है। केंद्रीय जांच एजेंसी के द्वारा दूसरे राज्यों में की गई छापेमारी से भी कई पुख्ता प्रमाण मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि, सिसोदिया ने ट्वीट किया था कि उनके खिलाफ जांच एजेंसी के पास कुछ भी नहीं है और उन्हें बिना कारण परेशान किया जा रहा है।
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जांच से भाग रहे सिसोदिया
दिल्ली भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया लंबे समय से कह रहे हैं कि वे जांच के लिए हमेशा तैयार हैं। उन्होंने दावा किया था कि उनकी शराब नीति में कोई घोटाला नहीं हुआ है, लेकिन अब जब उनसे सवाल-जवाब किए जा रहे हैं, वे जांच से बचने के बहाने तलाश रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात है कि जिस सिसोदिया को भरोसा था कि उनके खिलाफ सीबीआई के पास कोई सबूत या मामला नहीं है, आज वे जांच से बचते नजर आ रहे हैं। अब मामला सीबीआई और सिसोदिया के बीच है। मैं सिसोदिया से एक सवाल पूछना चाहता हूं कि जांच एजेंसी द्वारा बुलाए गए हर व्यक्ति या संदिग्ध के पास कोई न कोई काम होता है। अगर सभी इस आधार पर समय मांगना शुरू कर दें तो फिर पूछताछ कैसे होगी।