यूपी के मथुरा जिला के अंतर्गत आने वाले गांव मुन्नी का नगला में रविवार की शाम एक प्लाट में डाली गई मिट्टी में चांदी के सिक्के मिलने से इलाके में खलबली मच गई। मिट्टी में सिक्के तलाशने को लोग जुट गए। जिसके हाथ जो लगा, वह ले भागा। मिले सिक्कों में ज्यादातर एक एक रुपये के ही हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने खेत की खोदाई बंद करा दी है।
फरह क्षेत्र के गांव मुन्नी का नगला में शाम को करीब पांच बजे उस वक्त हल्ला मचा, जब पिल्सो के प्लाट में पड़ी मिट्टी में समीप खेल रहे बच्चों को वहां चांदी के सिक्के दिखे। बच्चे मिट्टी में सिक्का ढूढने लगे। धीरे-धीरे इसकी भनक पूरे गांव में पहुंच गई, तो भीड़ लग गई। आसपास के लोगों ने भी मिट्टी में सिक्के की तलाश की। इस दौरान जिसके हाथ जितने सिक्के लगे, वह उसे चुपचाप ले भागा। कुल कितने सिक्के मिले हैं। यह कोई नहीं जानता है, लेकिन चर्चा है कि खेलने के दौरान बच्चों ने ही करीब 80 से 100 सिक्के पाए थे। पर, अब बच्चे भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
मिट्टी में सिक्के मिलने की सूचना पर इलाकाई पुलिस भी मौके पर पहुंची। पिल्सो ने बताया कि रविवार को ही प्लाट में मिट्टी भराने के लिए उसने थिरावली गांव में छिद्दन के खेत से मिट्टी मंगाई थी। पुलिस ने थिरावली गांव जाकर खेत भी देखा और छिद्दन से खेत की खुदाई नहीं कराने का निर्देश दिया है। फिलहाल पुलिस उस खेत की सुरक्षा में लगी हुई है।
अंग्रेजी शासन काल के हैं थिरावली में मिले सिक्के
चांदी के सिक्कों पर पुरातत्व विभाग ने दी खास जानकारी
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थाना फरह के गांव थिरावली में मिले रानी विक्टोरिया की छाप लगे सिक्के अंग्रेजी शासन काल के हैं। यह क्रांतिकारियों द्वारा अंग्रेजों से लूटे गए भी हो सकते हैं। आजादी की लड़ाई में क्रांतिकारियों ने परखम गांव में ग्रामीणों के सहयोग सें रेल की पटरी काटकर ट्रेन को पलट दिया था और अंग्रेजों का खजाना लूटकर ले गए थे। संग्रहालयकर्मी इनकी जांच कर रहे हैं।
यह बात 1857 के गदर के बाद की है। उन दिनों आगरा जाने के लिए सिर्फ मीटर गेज रेलवे लाइन थी। यह मथुरा से अछनेरा होकर जाती थी। सड़क न होने से आगरा के लिए पैदल मार्ग से अंग्रेज घोड़ों पर जाते थे। उन दिनों अंग्रेज अफसर वेतन बांटने के लिए आगरा के अछनेरा तक खजाना रेल से लेकर जाते थे। मथुरा के क्रांतिकारियों को इसकी भनक लगी कि फलां ट्रेन से अंग्रेज खजाना लेकर अछनेरा जा रहे हैं। क्रांतिकारियों ने गोपनीय तौर पर गांव परखम के ठाकुरों के साथ मीटिंग की और रात में ही पटरी उखाड़कर गड्ढे कर दिए। इस कारण तड़के ट्रेन आई और पलट गई।
पूरी तैयारी के साथ ग्रामीणों संग जुटे क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों से खजाना लूट लिया था। इसके बाद अंग्रेजों ने परखम और आसपास के ग्रामीणों पर बहुत जुल्म ढाए। परखम के आयुर्वेद कार्यालय और क्रांतिकारियों के पुस्तकालय, डाकघर को आग लगा दी। गांव के लोगों को जमीन में आधा गाढ़ने की सजा सुनाई थी। ग्रामीणों का मानना है कि मिट्टी खोदाई में मिले सिक्के अंग्रेजों से लूटे गए हो सकते हैं।
फरह के गांव थिरावली में मिले सिक्के अंग्रेजी काल के हैं और चांदी से निर्मित हैं। आमतौर पर ऐसे सिक्कों का चलन दीपावली या फिर किसी को भेंट करने में था। इन सिक्कों को राज्य पुरातत्व विभाग कब्जे में लेगा। शीघ्र ही मथुरा पहुंचकर जिला प्रशासन से इन सिक्कों को लिया जाएगा और मथुरा के राजकीय संग्रहालय में संरक्षित कराएंगे।
- राजीव द्विवेदी, सहायक क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी आगरा मंडल