मध्यप्रदेश के उज्जैन में बने नवनिर्मित 'श्री महाकाल लोक' को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। अब जल्द ही यह कॉरिडोर बॉलीवुड में भी नजर आएगा। सरकार यहां पर फिल्मों की शूटिंग करवाने के लिए फिल्म निर्माताओं को प्रस्ताव भेजने की तैयारी में जुट गई है। कुछ दिनों पहले ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मध्यप्रदेश को 'मोस्ट फ्रेंडली स्टेट' के अवार्ड से नवाज चुकी हैं।
मध्यप्रदेश में मेगास्टार फिल्मों की शूटिंग और फिल्म पर्यटन के जरिए स्थानीय रोजगार उत्पन्न करने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग और फिल्म निर्माताओं के बीच हाल ही में एक अनुबंध हुआ है। मध्यप्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव और मैनेजिंग डायरेक्टर मप्र टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला के मुताबिक, प्रदेश के सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों पर न केवल बड़े बजट और मेगास्टार फिल्में की शूटिंग होगी, बल्कि फिल्म पर्यटन से प्रदेश में रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। प्रदेश में जल्द ही फिल्म निर्माताओं द्वारा अगले पांच वर्षों में 50 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसमें फिल्म, वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग की होगी।
शुक्ला के अनुसार, प्रदेश की फिल्म नीति में निर्माताओं को अनुदान, एक निश्चित समय में सभी प्रकार की अनुमति प्रदान करना जैसे पहलू फिल्मकारों को आकर्षित कर रहे हैं। मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवॉर्ड पाने वाले मध्यप्रदेश में अब तक 350 से ज्यादा फिल्म, सीरियल, वेब सीरीज सहित अन्य परियोजनाओं की शूटिंग हो चुकी है। वर्तमान में पांच फिल्म प्रोजेक्ट पिंच, तिवारी, चंदेरी हैंडलूम द वोवेन मोटिफ्स, महल, द मास्टर स्क्वॉड, करतम भुगतम, पराक्रम की शूटिंग चल रही है।
एमपी फिल्म पॉलिसी की खास बातें
दरअसल, मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसने परियोजनाओं की अनुमतियों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल किया है। अधिनियम के तहत 15 कामकाजी दिवसों में फिल्म शूटिंग की अनुमति का प्रावधान है। साथ ही पहला ऐसा राज्य है जिसने फिल्म नीति के अंतर्गत दिए जाने वाले अनुदान में वेब सीरीज, ओटीटी ओरिजिनल कंटेंट, टीवी सीरियल एवं डॉक्यूमेंट्री को शामिल किया है। प्रदेश में सभी फिल्मांकन अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस की सुविधा उपलब्ध है। सरकार ने फिल्म पर्यटन नीति को जिला स्तर पर क्रियान्वित करने के लिए प्रत्येक जिले में एडीएम स्तर के अधिकारी को फिल्मांकन अनुमति हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
मध्यप्रदेश को थिएटर हब कहा जाता है। यहां वरिष्ठ और कनिष्ठ दोनों ही कलाकारों की उपलब्धता है। फिल्म निति अंतर्गत राज्य के स्थानीय कलाकारों के लिए अतिरिक्त वित्तीय अनुदान सहित फिल्म क्रू का पर्यटन विभाग के होटल एवं रिसॉर्ट में ठहरने पर छूट का प्रावधान है। साथ ही राज्य में फिल्म उद्योग के विकास के लिए फिल्म सिटी, फिल्म स्टूडियो, कौशल विकास केंद्र आदि स्थापित करने हेतु निजी निवेश को प्रोत्साहन एवं आरक्षित भूमि इत्यादि के लिए प्रावधान है।
इन छह जगहों को टूरिस्ट सर्किट बनाने की तैयारी
मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखे हुए मांडू, महेश्वर, इंदौर, ओंकारेश्वर, हनुवंतिया, झाबुआ को टूरिस्ट सर्किट के रूप में विकसित कर रहा है। अगले तीन माह में इन स्थानों पर पर्यटन गतिविधियां भी बढ़ाई जाएंगी, ताकि उज्जैन आने वाले पर्यटक इन स्थानों पर भी जा सकें। यहां हर साल अक्तूबर से लेकर दिसंबर तक प्रदेश में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।