ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के मौके पर कर्नाटक के बेंगलुरू में आयोजित समारोह में तलवारें और हथियार दिखाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में मंगलवार को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के बाद जश्न मनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अल्पसंख्यक समुदाय के 18 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए लोगों में 13 नाबालिग लड़के भी शामिल हैं। गौरतलब है कि ईद-ए-मिलाद-उन-नबी इस्लाम धर्म का बेहद महत्वपूर्ण त्यौहार है। इस दिन इस्लाम धर्म के संस्थापक पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था।
कब का है वीडियो
पुलिस उपायुक्त पी कृष्णाकांत ने वायरल वीडियो को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो किसी समारोह का नही है। बल्कि ये वीडियो सोमेश्वर नगर का है। जहां उन लोगों ने जुलूस खत्म होने के बाद बज रहे गानों पर नाचते हुए हथियार लहराए। उसी दौरान वहां मौजूद किसी ने उन लोगों का वीडियो बना लिया और इंटरनेट पर वायरल कर दिया।
की गई कार्रवाई
पुलिस ने आगे बताया कि आरोप है कि इन लोगों ने जश्न में शामिल होकर खतरनाक हथियार लहराकर कानून व व्यवस्था की स्थिति का उल्लंघन किया। पुलिस ने यह भी बताया है कि हिरासत में लिए गए लोगों का बैकग्राउंड निकालने पर पता चला है कि इन लोगों की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है। प्रतीत होता है कि हाल के दिनों में राज्य में हुई विभिन्न घटनाओं के प्रभावित होकर उन्होंने ये कदम उठाया। जिसके बाद इन लोगों को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया जाएगा।
वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई को लेकर पुलिस उपायुक्त पी कृष्णाकांत ने कहा 18 लोगों में से वयस्कों को न्यायिक हिरासत में तो वहीं नाबालिगों को किशोर गृहों में रखा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन लोगों के खिलाफ अवैध रूप से इकट्ठा होने, सार्वजनिक शांति भंग करने और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न अन्य धाराओं के लिए शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मोहम्मद साहब के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है ईद-ए-मिलाद-उन-नबी
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का पर्व इस्लाम धर्म का बेहद महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन इस्लाम धर्म के संस्थापक पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था। उनके जन्मदिन को याद करने और इसे खुशी से मनाने के लिए रबी-उल-अव्वल के 12वें दिन ईद ए मिलाद उन नबी मनाया जाता है। इस दिन लोग घरों और मस्जिदों में पवित्र कुरान को पढ़ते हैं। माना जाता है कि कुरान पढ़ने और मोहम्मद साहब के संदेशों का पाठ करने से अल्लाह की रहम बरसती है। ईद ए मिलाद उन नबी के दिन जुलूस निकाला जाता है और गरीबों को खाना खिलाया जाता है।