दिल्ली से श्रमिक ट्रेन की रवानगी अब बिलकुल कम हो गई है। 2 जून को महज 2 ट्रेनें 2316 यात्रियों को लेकर रवाना हुई। जबकि 20 मई को सबसे अधिक 33 ट्रेनें दिल्ली के विभिन्न स्टेशनों से रवाना हुई थी। इस दिन 41,695 मजदूर दिल्ली से रवाना हुए थे। यह संख्या 21 मई को घटकर 30 हुई तो 22 व 23 मई को 25-25 ट्रेनें रवाना हुई। यह संख्या धीरे-धीरे घटती चली गई। 30 मई को 10 श्रमिक स्पेशल चली तो 31 मई को यह संख्या घटकर 6 पहुंच गई और 1 जून को महज 1 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गई।
1885 करोड़ रुपये का नुकसान
रेलवे को लॉकडाउन में करोड़ों रुपये का नुकसान भी उठाना पड़ा। इस दौरान ट्रेनों का संचालन नहीं होने के कारण पहले से बुक टिकट को निरस्त कर पैसा लौटाना पड़ा। रेलवे के अधिकारिक आंकड़े के अनुसार, 21 मार्च से 31 मई के बीच बुक किए गए सभी टिकट को रेलवे ने रिफंड किया। रेलवे को 1885 करोड़ रुपये ऑनलाइन टिकट रद्द कर लौटाने पड़े।