पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के आरोपी श्रीकांत पंगारकर ने शुक्रवार को विधानसभा चुनाव से पहले जालना में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना का दामन थाम लिया था।
जालना में शिवसेना शिंदे में शामिल हुए पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड के आरोपी श्रीकांत पंगारकर को पद देने पर रोक लगा दी गई है। इसे लेकर एनसीपी ने शिवसेना शिंदे गुट पर कटाक्ष किया है। एनसीपी शरद की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि पार्टी में शामिल हुए आरोपी को केवल चुनाव होने तक पद से हटाया गया है। चुनाव के बाद शिवसेना शिंदे गुट में गुंडों को शामिल किया जाएगा।
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दरअसल, पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के आरोपी श्रीकांत पंगारकर ने शुक्रवार को विधानसभा चुनाव से पहले जालना में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना का दामन थाम लिया था। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी नेता और पूर्व राज्य मंत्री अर्जुन खोतकर की मौजूदगी में पंगारकर को पार्टी को सदस्यता दिलाई गई थी।
इसके बाद मुख्यमंत्री और शिवसेना शिंदे के गुट के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने रविवार को श्रीकांत पंगारकर को जालना इकाई में पार्टी में कोई भी पद देने पर रोक लगा दी। इसे लेकर एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि शिवसेना की पंगारकर के खिलाफ की गई कार्रवाई केवल चुनाव तक ही सीमित है।
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सांसद सुप्रिया सुले ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि गौरी लंकेश हत्या मामले में एक आरोपी को शिवसेना में शामिल किया गया और हटा दिया गया है। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। नैतिकता का यह दिखावा केवल चुनाव तक के लिए किया गया है। चुनाव के बाद ऐसे गुंडों को पार्टी में फिर से शामिल किया जाएगा।
5 सितंबर, 2017 को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में उनके घर के बाहर लंकेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कर्नाटक पुलिस की तरफ से महाराष्ट्र की एजेंसियों की सहायता से की गई जांच में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। 2001 से 2006 के बीच अविभाजित शिवसेना के जालना नगर पार्षद श्रीकांत पंगारकर को अगस्त 2018 में गिरफ्तार किया गया था और इस साल 4 सितंबर को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी थी।