महाराष्ट्र में इन दिनों राजनीतिक उठापटक तेज हो गई है। कहीं पुराने विवाद फिर से सामने आ रहे हैं, तो कहीं नए विवाद उपज रहे हैं। राज्य में सत्ताधारी गठबंधन महायुति में सहयोगी शिवसेना और एनसीपी अजित गुट में वार-पलटवार तेज हो चुके हैं। तो वहीं आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टियों की तरफ से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। बता दें कि इसी साल अक्टूबर महीने में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं।
100 सीट हमें मिलनी चाहिए- रामदास कदम
वहीं विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही शिवसेना नेता रामदास कदम ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी को आगामी महाराष्ट्र चुनावों में लड़ने के लिए कुल 288 में से कम से कम 100 विधानसभा सीटें मिलनी चाहिए, नहीं तो सभी सीटें हमारी होंगी। उन्होंने कहा, हमने (2019 में संयुक्त शिवसेना के रूप में) 100 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा था। तो इस बार हमें कम से कम 100 सीटें दी जाएं। 100 सीट हमें मिलनी चाहिए और यह हमारा हक है। नहीं तो सभी सीटें हमारी हैं।
सीएम एकनाथ शिंदे के सामने किया दावा
मुंबई में शिवसेना के 58वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए रामदास कदम ने कहा था कि उनकी पार्टी को कम से कम 100 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। पूर्व राज्य मंत्री ने कार्यक्रम में कहा, हमें चुनाव लड़ने के लिए 100 सीटें मिलनी चाहिए और हम सुनिश्चित करेंगे कि हम उनमें से 90 सीटें जीतें। इस दौरान इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे। बता दें कि हाल ही में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी को चुनाव लड़ने के लिए 80-90 विधानसभा सीटें मिलनी चाहिए।
2022 में शिवसेना, 2023 में एनसीपी में हुआ विभाजन
बता दें कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है, जिसमें भाजपा और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी भी शामिल है। वहीं शिवसेना और एनसीपी की बात करें तो, 2022 में शिवसेना और 2023 में एनसीपी में विभाजन हुआ और एक-एक गुट ने भाजपा के साथ गठबंधन किया। जबकि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बाद में कहा कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है और राज्य चुनाव में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी, लेकिन उन्होंने संख्या के बारे में कुछ नहीं कहा। हालांकि,उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे के फॉर्मूले को तीनों सहयोगियों के नेताओं की बैठक और मुद्दे पर चर्चा के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
लोकसभा चुनाव में ऐसा रहा प्रदर्शन
वहीं हाल ही में खत्म हुए लोकसभा चुनाव की बात करें, तो राज्य में सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने राज्य की 48 सीटों में से 17 सीटें जीतीं। इसमें भाजपा ने 9 सीटें, शिवसेना ने 7 और एनसीपी ने एक सीट जीती। जबकि विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी, जिसमें कांग्रेस, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने 30 सीटें जीतीं है।