हरियाणा में किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोमवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों पर हमला देश के लिए शर्मनाक घटना है। यह एक तरह की तालिबानी मानसिकता है। यह सरकार कैसे कह सकती है कि यह गरीबों के लिए है और किसानों के लिए है? यह सरकार तो किसानों की 'मन की बात' भी नहीं सुनती।
शनिवार को करनाल में किसानों पर हुआ था लाठीचार्ज
बता दें कि शनिवार को करनाल में केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के एक समूह पर हरियाणा पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस के अनुसार किसान नेशनल हाईवे बसताड़ा टोल पर बार-बार जाम लगाने की जिद्द कर रहे थे। बार-बार समझाने के बाद भी जब किसान नहीं माने तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान किसानों के वाहनों के शीशे भी टूटे। शाम को गुरनाम सिंह चढ़ूनी बसताड़ा टोल पर पहुंचे और धरने की कमान संभाली। इसके बाद मामला और बिगड़ गया।
धनखड़ की गाड़ी का भी किया विरोध
बसताड़ा टोल पर शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ की गाड़ी का भी किसानों ने विरोध किया। कुछ किसान पहले से ही वहां धरने पर बैठे थे। धनखड़ भाजपा की प्रदेश स्तरीय बैठक में भाग लेने करनाल आ रहे थे। तभी बसताड़ा टोल से गुजरते हुए किसानों ने गाड़ी रोकने की कोशिश करते हुए काले झंडे दिखाए। इस दौरान किसानों ने सरकार और पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की। मगर पुलिस ने मौके पर स्थिति संभालते हुए धनखड़ की गाड़ी को तुरंत वहां से आगे निकाल दिया।
हाईवे जाम करेंगे, पत्थर मारेंगे तो कानून अपना काम करेगा: मनोहर लाल
वहीं सीएम मनोहर लाल ने कहा कि किसी के कार्यक्रम में व्यवधान डालना लोकतंत्र विरोधी कदम है। अगर किसानों को प्रदर्शन ही करना था तो शांतिपूर्वक करते, हमें कोई आपत्ति नहीं होती लेकिन पुलिस पर पत्थर मारेंगे या हाईवे जाम करेंगे तो कानून अपना काम करेगा। जाम के दौरान जिसका कसूर होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए ईडी का नोटिस ‘लव लेटर’ है, ‘डेथ वारंट’ नहीं: संजय राउत
केंद्र पर तंज कसते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को मिलने वाला, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का नोटिस ‘डेथ वारंट’ नहीं है, बल्कि एक ‘लव लेटर’ है। इससे एक दिन पहले केंद्रीय एजेंसी ने शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के मंत्री अनिल परब को पेश होने को कहा था।
राउत ने पत्रकारों से कहा, महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की मजबूत और अभेद्य दीवार को तोड़ने की असफल कोशिशों के बाद ‘लव लेटर’ भेजने की संख्या बढ़ गई है। राउत ने कहा कि परब को भाजपा के नेताओं ने निशाना बनाया है। उन्होंने कहा, वह नोटिस का जवाब देंगे और ईडी के साथ सहयोग करेंगे। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि ईडी ने परब को, महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख और अन्य के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मंगलवार को पूछताछ के लिए तलब किया है।
राउत ने कहा, या तो भाजपा का व्यक्ति ईडी में डेस्क अफसर है या ईडी का अधिकारी भाजपा कार्यालय में काम कर रहा है। भाजपा की पूर्व सहयोगी शिवसेना, महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के साथ सत्ता साझा करती है। उन्होंने भाजपा पर महाराष्ट्र में मंदिरों को फिर से खोलने के लिए प्रदर्शन आयोजित करने को लेकर भी निशाना साधा, जो कोविड-19 प्रतिबंधों के कारण बंद हैं। हरियाणा में किसानों पर पुलिस के लाठीचार्ज के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि भाजपा को किसानों के बहे खून की कीमत चुकानी होगी।