प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साले के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में कार्रवाई की है। ईडी के इस कदम की शिवसेना नेता संजय राउत ने आलोचना की है। एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने भी इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया है।
मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साले के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर शिवसेना के फायरब्रांड नेता संजय राउत ने मंगलवार को तीखी टिप्पणी की। राउत ने यहा कि ईडी की इस कार्रवाई से 'निरंकुशता की बू' आती है। ईडी के अनुसार ठाकरे के साले श्रीधर माधव पाटनकर के मालिकाना हक वाली एक कंपनी की 6.45 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं।
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राउत ने कहा, 'भाजपा उन्हीं राज्यों में ऐसे काम कर रही है जहां वह सत्ता में नहीं है। भाजपा का उद्देश्य सत्ता पाना है। केंद्रीय एजेंसी की यह कार्रवाई निरंकुशता को प्रदर्शित करती है।' वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई के पीछे राजनीतिक कारण हैं। उन्होंने कहा कि देश इस समय इन संसाधनों (जांच एजेंसी) के दुरुपयोग के अहम मुद्दे का सामना कर रहा है।
पवार ने कहा कि यह कार्रवाई कुछ व्यक्तियों का उत्पीड़न करने के लिए राजनीतिक उद्देश्य के साथ की गई है। इससे पहले ईडी ने मंगलवार को ही दिन में कहा था कि इसने श्री साईबाबा गृहनिर्मित्ति प्राइवेट लिमिटेड के ठाणे में चल रहे नीलांबरी प्रोजेक्ट में 11 आवासीय फ्लैट जब्त करने के लिए पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत एक अनंतिम आदेश जारी किया है। इस कंपनी के मालिक श्रीधर पाटनकर हैं।