गुजरात में विकास के दावों और देश की सीमा पर अक्सर होती झड़पों में सैनिकों की मौत को रोक पाने की विफलता पर शिवसेना ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उसने कहा कि गुजरात में विकास खो गया और कश्मीर में शांति और सामान्य हालात की बात खो गई है।
भाजपा की गठबंधन सहयोगी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हालत के सामान्य की ओर लौटने की बात कहना पूरी तरह से बकवास साबित हुआ क्योंकि ‘शांतिकाल’ में सैनिकों की मौत सरकार की बेचारगी को दर्शाती है। जब पाकिस्तान संघर्ष विराम उल्लंघन और भारतीय सैनिकों की हत्या में शामिल था तब प्रधानमंत्री और उनकी पूरी कैबिनेट गुजरात चुनाव में प्रचार करने में व्यस्त थी।
पढ़ेंः- जम्मू-कश्मीरः शिवसेना नेता के घर से मिला पाकिस्तानी झंड़ा, मचा बवाल
दरअसल, शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में लिखा गया कि जब शांतिपूर्ण समय में एक सैनिक की मौत होती है तो यह सरकार की गलत छवि पेश करती है। पिछले 30 सालों से यह होता आ रहा है और जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई तो हमें इस पर विराम लगने की उम्मीद थी। संपादकीय में दावा किया गया कि जब पाकिस्तान सीजफायर उल्लंघन में संलिप्त था और भारतीय जवानों की हत्या कर रहा था, तब प्रधानमंत्री और पूरा कैबिनेट गुजरात चुनाव अभियान में व्यस्त था।
मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए संपादकीय में यह भी लिखा गया है, 'गुजरात चुनाव जीतने के लिए सूरत में कारोबारी समुदाय को जीएसटी में कई छूटें दी। मगर जवानों की जान बचाने के लिए क्या किया। शिवसेना इस बारे में जानना चाहती है। जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य होने की बात झूठी है। गुजरात में विकास और जम्मू-कश्मीर में शांति व स्थिरता बिल्कुल गायब है।'
गुजरात चुनाव जीतने के लिए आपने सूरत के व्यवसायी समुदाय को जीएसटी में कई छूट दे दी लेकिन सैनिकों की जान की रक्षा के लिए आपने क्या किया? गुजरात में विकास खो गया और कश्मीर में शांति और सामान्य हालात की बात खो गई है।