शिवसेना ने 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के असर पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। शिवसेना ने कहा, माना जा रहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी आतंकियों के हौसले पस्त होंगे, लेकिन यह केवल भ्रम साबित हुआ क्योंकि कश्मीर में अब भी आतंकी हमलों में सेना के जवान शहीद हो रहे हैं।
शिवसेना ने शुक्रवार को अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा, सीमाओं का अशांत होना देश के लिए अच्छा नहीं है। कश्मीर में नए साल की शुरुआत अच्छी नहीं हुई। कश्मीर के नौशेरा में आतंकियों से मुठभेड़ में महाराष्ट्र के जवान संदीप सावंत शहीद हो गए। इसके लिए महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी जिम्मेदार नहीं है। बार बार कहा जाता है कि कश्मीर में हालात काबू में हैं। लेकिन यह कितना सच है।
सर्जिकल स्ट्राइक और अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद कश्मीर में हालात कितने सुधरे हैं। कश्मीर की सीमा पर जिस प्रकार जवानों का खून बह रहा है, उसका सीधा मतलब ये है कि कश्मीर में सब कुछ ठीक नहीं है और पाक समर्थित आतंकवाद तथा घुसपैठ रुकी नहीं है। भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए सर्जिकल स्ट्राइक को भुना रही है।