इंद्राणी ने इस साल कोर्ट में अपील की थी कि कोर्ट सीबीआई को निर्देश दे कि वह मामले में गवाहों की लिस्ट कोर्ट में जमा करे। इस पर अप्रैल में सीबीआई ने 92 गवाहों की लिस्ट कोर्ट में जमा की थी, जिनसे पूछताछ की जानी थी।
शीना बोरा हत्याकांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विशेष सीबीआई कोर्ट में गुरुवार को एक लिस्ट जमा की। इस लिस्ट में उन लोगों के नाम शामिल हैं, जिनकी गवाही को सीबीआई ने अविश्वसनीय माना है। बता दें कि इस लिस्ट में मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया समेत 23 लोगों के नाम शामिल हैं। सीबीआई ने कहा है कि अब वह मामले की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी के खिलाफ इन गवाहों से कोई पूछताछ नहीं करेगी।
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राकेश मारिया ने की थी जांच की अगुवाई
इंद्राणी मुखर्जी पर आरोप है कि उन्होंने अपने दो पूर्व पतियों पीटर मुखर्जी और संजीव खन्ना के साथ मिलकर अपनी बेटी शीना बोरा (24 वर्षीय) की हत्या कर दी थी। शीना बोरा, इंद्राणी और उनके पहले प्रेमी सिद्धार्थ की बेटी थी। शीना की 24 अप्रैल 2012 को कथित तौर पर उसकी मां इंद्राणी मुखर्जी ने अपने पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्यामवर राय के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड का खुलासा साल 2015 में हुआ, जब मुंबई पुलिस ने एक अन्य मामले में इंद्राणी के ड्राइवर श्यामवर राय को गिरफ्तार किया था। उस वक्त राकेश मारिया ही मुंबई के पुलिस कमिश्नर थे और उन्होंने इस मामले की जांच को अगुवाई की थी।
सीबीआई ने 23 नामों की लिस्ट जमा की
बाद में यह मामला सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया था। इंद्राणी ने इस साल कोर्ट में अपील की थी कि कोर्ट सीबीआई को निर्देश दे कि वह मामले में गवाहों की लिस्ट कोर्ट में जमा करे। इस पर अप्रैल में सीबीआई ने 92 गवाहों की लिस्ट कोर्ट में जमा की थी, जिनसे पूछताछ की जानी थी। अब सीबीआई ने पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया समेत 23 लोगों के नामों की लिस्ट कोर्ट को दी है, जिन्हें मामले में 'अविश्वनीय गवाह' बताया गया है।
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राकेश मारिया के अलावा इस लिस्ट में शीना बोरा हत्याकांड की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी दिनेश कदम, जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सत्यनारायण चौधरी, दोनों जेलर एसएस वाघ और सुप्रिया चन्ने शामिल हैं। बता दें कि इंद्राणी की गिरफ्तारी के बाद उनके वकील ने दावा किया था कि राकेश मारिया ने जांच में हस्तक्षेप किया था और आरोप लगाया कि इंद्राणी को इस मामले में फंसाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने मई 2022 में इंद्राणी मुखर्जी को शीना बोरा हत्याकांड में जमानत दे दी थी। फिलहाल इंद्राणी जमानत पर बाहर हैं।