सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि कतार द्वारा भारतीय नौसेना के आठ जवानों को मौत की सजा देना आश्चर्यजनक है। पूरे मामले का विवरण रहस्य और अस्पष्टता में डूबा हुआ है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कतार में आठ भारतीय नौसैनिकों को मौत की सजा सुनाई जाने पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूरा मामला रहस्य और अस्पष्टता में डूबा हुआ है। गुरुवार को कतार की एक अदालत ने आठ भारतीय नौसेना के जवानों को मौत की सजा सुनाई थी।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, 'कतार द्वारा भारतीय नौसेना के आठ जवानों को मौत की सजा देना आश्चर्यजनक है। पूरे मामले का विवरण रहस्य और अस्पष्टता में डूबा हुआ है।'
उन्होंने रक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री द्वारा इस मुद्दे पर तुरंत महत्वपूर्ण कदम उठाने पर विश्वास जताया है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, 'विश्वास है कि रक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री कतर सरकार के साथ इस मुद्दे पर बात करेगी और नौसेना के जवानों के घर वापसी के लिए तुरंत कार्रवाई करेगी।'
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एक निजी कंपनी अल डहरा के साथ काम करने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति को पिछले साल जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले के बाद न तो कतर के अधिकारियों और न ही नई दिल्ली ने भारतीय नागरिकों के खिलाफ आरोपों को सार्वजनिक किया।
भारतीय नौसेना के आठ जवानों को मौत की सजा मिलने पर भारतीय रक्षा मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस मामले को उच्च महत्व देने के साथ सभी न्यायिक विकल्प की तलाश रही है।
कांग्रेस सांसद ने दी प्रतिक्रिया
कतार की अदालत द्वारा भारतीय नौसेना के जवानों को मौत की सजा देने के मामले पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने प्रतिक्रिया देते हुए भारत सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा, 'आज तक देश को नहीं मालूम कि उनके खिलाफ मुकदमा क्या है, उनपर आरोप क्या है। किस तरह की भारत सरकार है कि अपने 8 सेवानिवृत्त उच्च अधिकारियों को इस तरह मौत की सजा सुनाने दे।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को हमारे आठ जवानों को वापस लाने के लिए कतार के बादशाह से बात करनी चाहिए।