कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में पेगासस जासूूसी मामले के आरोपों की जांच की मांग की है। कांग्रेस नेता ने संकेत दिया कि सरकार जब तक इस मुद्दे पर बहस के लिए तैयार नहीं होती तब तक विपक्षी दल संसद की कार्यवाही को बाधित करते रहेंगे।
लोकसभा के स्थगित होने के बाद संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, हम सरकार से इस मुद्दे पर बहस की मांग कर रहे हैं, लेकिन वह तैयार नहीं हैं। वह हमारे सवालों का जवाब नहीं दे रहे तो हमें आपको अपना काम करने की अनुमति क्यों देनी चाहिए।
उन्होंने कहा, महंगाई और कृषि कानूनों जैसे अन्यु मुद्दे भी विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन पेगासस मामला प्राथमिकता में है। थरूर ने दोनों सदनों में इस मुद्दे पर आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के बयान पर कहा कि उन्होंने विपक्ष की बात सुने बिना ही अपने ‘मन की बात’ को साझा किया है।
सूत्रों के अनुसार, इस सप्ताह के अंत में थरूर के नेतृत्व में सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय कमेटी गृह मंत्रालय सहित शीर्ष सरकारी अधिकारियों से पेगासस जासूसी के आरोपों पर सवाल कर सकती है। 28 जुलाई को सूचना और प्रौद्योगिकी पर 32 सदस्यीय संसदीय स्थायी समिति की बैठक होने वाली है। लोक द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार बैठक का एजेंडा ‘नागरिक डेटा सुरक्षा और गोपनीयता’ है।