Y. S. Sharmila
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पांचों राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान हो चुका है। जिसके बाद से ही राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर जमकर राजनीतिक हमले कर रहे हैं। इसी बीच वाईएसआर तेलंगाना पार्टी के कांग्रेस के साथ संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हो गई है। गुरुवार को तेलंगाना विधानसभा चुनाव से पहले वाईएसआर तेलंगाना पार्टी की प्रमुख वाईएस शर्मिला रेड्डी इन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस पार्टी के संभावित गठबंधन नहीं किया जाएगा। हम अकेले चुनाव लड़ेंगे।
शर्मिला रेड्डी के एक अधिकारिक बयान के मुताबिक, वाईएसआरटीपी सभी 119 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। इसी के साथ यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह तेलंगाना के पलेरू निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी। गौरतलब है कि वाईएसआरटीपी की स्थापना 2021 में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की बेटी वाईएस शर्मिला रेड्डी ने की थी। हालांकि, वर्तमान में पार्टी के पास लोकसभा या विधानसभा में कोई सीट नहीं है।
2018 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में बीआरएस 119 में से 88 सीटें जीतने में कामयाब रही थी और उसका वोट शेयर 47.4 प्रतिशत था। कांग्रेस 19 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, उसका वोट शेयर 28.7 फीसदी रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इससे पहले तेलंगाना के आदिलाबाद में एक रैली में शिरकत की। अमित शाह ने केसीआर सरकार पर जमकर हमला बोला। जिसके बाद से ही भाजपा और बीआरएस के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। उन्होंने कहा, केसीआर का लक्ष्य अपने बेटे केटीआर को राज्य का मुख्यमंत्री बनाना है। इसके जवाब में केटीआर ने कहा, हम अमित शाह से पूछना चाहते हैं कि भारत में एक राज्य का नाम बताएं जहां प्रति व्यक्ति आय 300 प्रतिशत से अधिक बढ़ी हो। मुझे ऐसा एक भाजपा शासित या कांग्रेस शासित राज्य दिखाएं। तेलंगाना एक ऐसा राज्य है, जो अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है।