महाराष्ट्र की राजनीति में चचेरे भाईयों के साथ चाचा-भजीते के एक साथ आने की अटकलें तेज हो गई हैं। इस पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि- वे पहले से ही साथ हैं। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि पवार परिवार सोच रहा होगा कि चूंकि दो चचेरे भाईयों के एक साथ आने की चर्चा है, तो चाचा-भतीजे के फिर से मिलने में क्या बुराई है?
एनसीपी एसपी प्रमुख शरद पवार और उनके भतीजे व राकांपा प्रमुख अजित पवार के बीच पिछले दो हफ्ते में हुई तीन बैठकों से उनके राजनीतिक मिलाप की अटकलों को बल मिला है। इस बीच शिवसेना ने सोमवार को कहा कि चाचा-भतीजे की जोड़ी पहले ही एक साथ आ चुकी है। वहीं शरद पवार और अजित पवार के बीच हुई हालिया बातचीत पर वडेट्टीवार ने कहा, 'ऐसी मुलाकातें जनहित में हो सकती हैं और जरूरी नहीं कि राजनीतिक कारणों से हों।'
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दोनों की मुलाकात पर सत्ताधारी दल की प्रतिक्रिया
सत्तारूढ़ खेमे की ओर से शिवसेना के मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि उन्हें आश्चर्य नहीं होगा यदि पवार परिवार अपने मतभेद सुधार कर हाथ मिला लें। शिवसेना नेता ने कहा, 'उन्होंने पहले ही संकेत दे दिए हैं। रोहित पवार (शरद पवार के पोते) नियमित रूप से अजित पवार की आलोचना करते थे, लेकिन अब वह अजित के चरणों में हैं।' बता दें कि, सोमवार को एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने एक पखवाड़े में तीसरी बार मंच साझा किया, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में मेल-मिलाप की अटकलें तेज हो गई हैं। इस बार दोनों नेताओं ने पुणे में कृषि और चीनी उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर चर्चा की।
एनसीपी ने राजनीति से किया इनकार
डिप्टी सीएम अजित ने इन मुलाकातों के राजनीतिक महत्व को कमतर आंकते हुए कहा कि परिवार सगाई जैसे मौकों पर एक साथ आते हैं और उन्हें किसी अन्य दृष्टिकोण से व्याख्या करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
वहीं शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा, 'दोनों पवार पहले ही एक साथ आ चुके हैं। क्या आपने हमें एकनाथ शिंदे (जिन्होंने मई 2022 में बगावत की थी) से बात करते या उनके साथ सार्वजनिक मंच साझा करते देखा है? हम नहीं मिलेंगे।' वहीं एनसीपी नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए संजय राउत ने कहा, 'हमारे पास शिक्षा और चीनी संस्थान नहीं हैं। हमारे पास वसंतदादा चीनी संस्थान, रयात शिक्षण संस्थान, विद्या प्रतिष्ठान आदि (शरद पवार की तरफ से संचालित) नहीं हैं।'
एनसीपी नेता छगन भुजबल की प्रतिक्रिया
एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा कि पार्टी प्रमुख अजित पवार और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार के बीच बैठकें सहकारी और शिक्षा क्षेत्रों से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए विभिन्न संस्थानों में होती हैं। शरद और अजित पवार के बीच संबंध तब खराब हो गए जब जुलाई 2023 में अजित पवार ने एनसीपी में विभाजन की साजिश रची और महायुति सरकार में शामिल हो गए।