कश्मीर के उड़ी सेक्टर में आतंकी हमले में शहीद लांस नायक राजेश कुमार यादव का बलिया और हरेंद्र यादव का गाजीपुर में अंतिम संस्कार पूरे सैनिक सम्मान के साथ मंगलवार को हुआ। शहीदों की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा था। प्रदेश सरकार के मंत्रियों, जिले के प्रशासनिक अधिकारियों सहित हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धाजलि अर्पित की।
बलिया में मंगलवार को सुबह 10.30 बजे सेना के जवान शहीद लांस नायक राजेश कुमार यादव का शव लेकर उनके गांव दुबहर पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया था। तिरंगे में लिपटे शहीद की अंतिम यात्रा12.35 बजे उनके गांव से निकली तो उसमें हजारों लोग शामिल थे। तीन किमी दूर गंगा के भड़सर घाट पर गार्ड आफ ऑनर दिया गया।
मुखाग्नि राजेश के बड़े भाई श्रीभगवान ने दी। इस दौरान मंत्री रामगोविंद चौधरी, जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस, पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी गोरखा रेजिमेंट के जवान के साथ 90 और 93 बटालियन एनसीसी के सैन्य अधिकारी सहित गणमान्य लोग मौजूद थे।
हर कोई शहीद को कंधा देने के लिए बेताब था
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गाजीपुर में शहीद जवान हरेंद्र यादव की अंतिम यात्रा मंगलवार की सुबह साढ़े आठ बजे उनके गांव मरदह के देवपुरवा(गाईं) से शुरू हुई। इससे पूर्व धर्मार्थ कार्य मंत्री विजय मिश्र, जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री एवं पुलिस अधीक्षक रामकिशोर, नगर पालिकाध्यक्ष विनोद अग्रवाल, पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दूबे आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित किया।
अंतिम यात्रा शुरू हुई तो हर कोई शहीद को कंधा देने के लिए बेताब था। 25 किमी की यात्रा के दौरान कई स्थानों पर स्कूली बच्चों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पवर्षा की। यात्रा में शामिल लोग हाथों में शहीद हरेंद्र अमर रहे, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे।
कुछ जगहों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पुतला फूंक किया विरोध-प्रदर्शन भी किया गया। गाजीपुर श्मशान घाट पर गोरखा रेजिमेंट के मेजर दीप्तोदीप माइजी की अगुवाई में जवानों ने हवा में गोलियां दाग कर शहीद को अंतिम सलामी दी। बेटे को मुखाग्नि पिता केदार यादव ने दी।