सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक लिमिटेड के मामले में एसएफआईओ की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल माधवी दीवान को बंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति तो दे दी लेकिन कहा कि मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार के बदले अब अगले बुधवार को होगी।
गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि उसे रियल्टी कंपनी यूनिटेक लिमिटेड की कुछ संपत्तियों के बारे में पता चला है और वो इस बारे में कोर्ट के सामने अपनी रिपोर्ट दाखिल करना चाहता है।
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कोर्ट ने बंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति दी, मामले में अगले बुधवार को फिर सुनवाई होगी
मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने एसएफआईओ की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल माधवी दीवान को बंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति तो दे दी लेकिन कहा कि मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार के बदले अब अगले बुधवार को होगी।
दीवान ने कहा कि एसएफआईओ ने यूनिटेक लिमिटेड के मामले में अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। एसएफआईओ ने जिन संपत्तियों का पता लगाया है उनमें से कुछ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पता लगाई गई संपत्तियों से मेल खाती हैं इसलिए इस बारे में स्पष्टीकरण की जरूरत है। दीवान ने कहा कि कोर्ट में रिपोर्ट बंद लिफाफे में जमा की जाए या सामान्य रूप से इसे स्पष्ट करने की जरूरत है। इसपर कोर्ट ने बंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति दे दी।
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26 अगस्त को शीर्ष अदालत ने यूनिटेक के प्रमोटरों संजय चंद्रा और अजय चंद्रा को दिल्ली की तिहाड़ जेल से क्रमश: मुंबई की आर्थर रोड जेल और महाराष्ट्र की तलोजा जेल में भेजने का आदेश दिया था। ईडी ने जांच कर खुलासा किया था कि इन दोनों भाइयों ने न्यायिक हिरासत का मजाक बना दिया है और जेल से ही अपना पूरा कारोबार चला रहे हैं। इसमें जेल के कर्मचारी उनकी मदद कर रहे हैं। दोनों भाइयों पर मकान खरीदारों के पैसे को अवैध तरीके से हड़पने का आरोप है।