देशभर की पंचायतों में विकास के लिए अगले चार वर्ष में 5,911 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के तहत इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसमें 3,700 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 2,211 करोड़ रुपये राज्य खर्च करेंगे। पंचायतीराज मंत्रालय ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए यूपी, उत्तराखंड सहित सात राज्यों के चालू वित्त वर्ष से संबंधित 1,213.57 करोड़ रुपये की कार्ययोजनाओं को मंजूरी भी दे दी है।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि हाल में सचिव पंचायतीराज सुनील कुमार की अध्यक्षता में संशोधित आरजीएसए की केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) की बैठक हुई। इसमें केंद्र द्वारा 2022-23 से 2025-26 तक संशोधित आरजीएसए पर खर्च होने वाली 5,911 करोड़ रुपये को मंजूरी दिए जाने की जानकारी साझा की गई।
समिति ने यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-काश्मीर, ओडिशा, सिक्किम व त्रिपुरा राज्यों द्वारा योजनांतर्गत वित्त वर्ष 2022-23 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा कर कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है। शर्तों को पूरा करने की समयसीमा तय कर दी गई है।
- यूपी 973 पंचायत भवनों का काम पूरा करेगा और राज्य में 4612 सीएससी की स्थापना होगी। सभी 75 जिलों में पंचायत लर्निंग सेंटर स्थापित करने की योजना है। कंप्यूटर व सहायक सामग्री के साथ राज्य, ब्लाक व जिला प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना भी करेगा।
- उत्तराखंड अन्य कार्यों के साथ 100-100 नए पंचायत भवन व सीएससी, एक राज्य स्तरीय, 13 जिला स्तरीय व 95 ब्लाक प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना करेगा।
- जम्मू-काश्मीर 500 पंचायत भवन व 1106 सीएससी की स्थापना का काम पूरा करने के साथ स्टेट, जिला व ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट स्थापित करेगा।
प्रतिनिधियों का होगा प्रशिक्षण
पंचायतीराज संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों का बड़े स्तर पर प्रशिक्षण होगा। इसके लिए नए प्रशिक्षण माड्यूल विकसित किए गए हैं। पंचायतों को आधारभूत ढांचा व आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे राज्यों के प्रस्ताव के अनुसार, नए पंचायत भवनों के निर्माण, सीएससी की स्थापना, क्षमता निर्माण के लिए प्रशिक्षण का बंदोबस्त किया गया है।
इन राज्यों की कार्ययोजना पर मुहर
| राज्य |
राशि (करोड़ में) |
| उत्तर प्रदेश |
514.69 |
| उत्तराखंड |
116.71 |
| हिमाचल प्रदेश |
194.60 |
| जम्मू-कश्मीर |
234.82 |
| ओडिशा |
88.73 |
| सिक्किम |
28.29 |
| त्रिपुरा |
35.73 |