दो जून को बालासोर जिले के बहनागा बाजार रेलवे स्टेशन के पास तीन ट्रेनों की टक्कर ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। इस हादसे में 293 लोग मारे गए थे और 1,200 से अधिक घायल हो गए। इसके बाद सरकार ने जांच बैठाई कि कमी कहां थी ताकि जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके। इसके बाद रेलवे ने बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे ने अपने काम में लापरवाही बरतने के आरोप में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए रेलवे के तीन कर्मचारियों समेत सात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
अगर अधिकारी सतर्क होते तो दुर्घटना को टाला जा सकता था
दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि अगर अधिकारी सतर्क होते तो दुर्घटना को टाला जा सकता था। रेलवे ने अब तक सात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जिनमें तीन कर्मचारी वो भी शामिल हैं, जिन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। नियमों के मुताबिक, 24 घंटे के लिए गिरफ्तार किए गए कर्मचारी को निलंबित कर दिया जाता है।
सीबीआई ने तीन कर्मियों को चार दिन की रिमांड पर लिया
इससे पहले, सीबीआई ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर (सिग्नल) अरुण कुमार महंत, सेक्शन इंजीनियर मोहम्मद अमीर खान और तकनीशियन पप्पू कुमार को गिरफ्तार किया था। उन्हें बुधवार से सीबीआई ने चार दिन की और रिमांड पर लिया है। तीनों कर्मचारियों को मंगलवार को उनकी पांच दिन की रिमांड पूरी होने के बाद यहां सीबीआई की नामित अदालत में पेश किया गया।
इससे पूर्व, दक्षिण पूर्वी सर्कल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा की गई जांच से पता चला कि स्टेशन के उत्तरी सिग्नल गुमटी पर सिग्नलिंग सर्किट में छेड़छाड़ के कारण दुर्घटना हुई थी। हावड़ा जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस दो जून को दूसरी लाइन पर एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई, जिससे उसके अधिकांश डिब्बे पटरी से उतर गए। इसी दौरान कोरोमंडल एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे उसी समय वहां से गुजर रही बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस के आखिरी कुछ डिब्बों पर पलट गए, जिससे यह भीषण हादसा हुआ।