तेलंगाना के जयशंकर भूपलपल्ली जिले में हुई एन राजलिंगमूर्ति की हत्या के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, राजलिंगमूर्ति की जमीन के विवाद में चाकू घोंपकर हत्या की गई थी। राजलिंगमूर्ति ने पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और अन्य के खिलाफ कालेश्वरम सिंचाई परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस ने उसकी हत्या में राजनीतिक हस्तक्षेप से इनकार किया है।
बता दें कि 19 फरवरी की शाम करीब साढ़े सात बजे 50 वर्षीय एन राजलिंगमूर्ति मोटरसाइकिल से जा रहा था। आरोपियों ने उसका रास्ता रोका और आंखों में मिर्च पाउडर फेंककर लोहे की रॉड से हमला किया। बाद में उसके पेट में चाकूं घोंपकर राजलिंगमूर्ति की हत्या कर दी। मौत की पुष्टि होने के बाद आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से भाग गए। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में पता लगा है कि राजलिंगमूर्ति की हत्या जमीनी विवाद के चलते की गई थी।
एक एकड़ जमीन को लेकर था विवाद
पुलिस अधीक्षक किरण खरे ने संवाददाताओं को बताया कि राजलिंगमूर्ति का आरोपियों के साथ एक एकड़ जमीन को लेकर विवाद था और दोनों पक्षों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 22 फरवरी की शाम को सात आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ की। उन्होंने अपना अपराध कबूल कर लिया और पुलिस को चाकू, लोहे की रॉड, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल सहित इस्तेमाल किए गए हथियारों के बारे में बताया।
मामले में तीन आरोपी चल रहे फरार
पुलिस के अनुसार, मामले में तीन अन्य आरोपी फरार हैं, जिनमें एक पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष भी शामिल है, जो बीआरएस से जुड़ा हुआ है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
चाकू घोंपकर हत्या करने में शामिल थे चार लोग
पुलिस ने बताया कि राजलिंगमूर्ति की चाकू घोंपकर हत्या करने में चार लोग शामिल थे, जबकि पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष सहित छह अन्य पर मामले में साजिश रचने का आरोप है। उन्होंने बताया कि पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष का मृतक के साथ संपत्ति विवाद और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भी थी।
पत्नी की शिकायत पर दर्ज किया केस
पुलिस ने बताया कि राजलिंगमूर्ति की पत्नी, जो भूपालपल्ली नगर पालिका की पूर्व पार्षद हैं, ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि आरोपियों ने जमीन विवाद को लेकर उनके पति की हत्या कर दी और शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया।
राजलिंगमूर्ति ने केसीआर पर अक्तूबर 2023 में लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप
पुलिस के अनुसार, अक्तूबर 2023 में राजलिंगमूर्ति ने अदालत में एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने पूर्व सीएम केसीआर पर कालेश्वरम परियोजना के तहत मेदिगड्डा बैराज के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। मेदिगड्डा बैराज के कुछ घाटों के डूबने के बाद राजलिंगमूर्ति ने केसीआर और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
आरोप के बाद केसीआर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
बाद में, केसीआर ने अपने भतीजे और पूर्व मंत्री टी हरीश राव के साथ तेलंगाना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने दिसंबर 2023 में जयशंकर भूपलपल्ली प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित उस आदेश को निलंबित कर दिया था, जिसमें केसीआर के खिलाफ याचिका दायर करने की अनुमति दी गई थी।
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