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JP Nadda: जेपी नड्डा बोले- छोटे परिवारों से पूरा होगा विकसित भारत का लक्ष्य, मिलकर काम करने की जरूरत

Thu, 11 Jul 2024 08:04 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नड्डा ने कहा कि महिलाओं को परिवार नियोजन के अधिकारों और अनचाहे गर्भधारण के मामलों को रोकने के प्रति जागरूक करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
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जेपी नड्डा - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब भारत का हर परिवार स्वस्थ होगा। यह केवल छोटे परिवारों से ही संभव है। इसके लिए सबको मिलकर काम करने की जरूरत है। यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग के दौरान कहीं। नड्डा ने कहा कि महिलाओं को परिवार नियोजन के अधिकारों और अनचाहे गर्भधारण के मामलों को रोकने के प्रति जागरूक करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। 

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मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए गर्भधारण का सही समय और अंतराल विषय पर आयोजित बैठक में नड्डा ने कहा कि केंद्र और राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि अधिक बोझ वाले राज्यों, जिलों और ब्लॉक तक गर्भनिरोधकों की पहुंच हो। उन्होंने कहा कि वैश्विक आबादी में भारत का पांचवां स्थान है। जनसंख्या दिवस पर हमें जनसंख्या को स्थिर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करने का संकल्प लेना होगा।

उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रम को इच्छा और सूचना के बाद जन्म के उद्देश्य के साथ चलाया जाए। सरकार का फोकस युवा, किशोर, महिला, बुजु्र्ग समेत सभी के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य पर है। इसके लिए सहयोगी रवैये के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। सही समय, जन्म के बीच अंतराल, परिवार का सही आकार और गर्भनिरोधकों को स्वैच्छिक रूप से अपनाने को सशक्त बनाना स्वस्थ और खुशहाल परिवारों के पोषण के लिए महत्वपूर्ण है। 
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मिशन परिवार विकास पर की बात
बैठक के दौरान नड्डा ने मिशन परिवार विकास पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम की सबसे सफल योजना है। इसे शुरुआत में सात राज्यों के 14 बड़े जिलों में लागू किया गया है। बाद में इसे अन्य सभी जिलों और छह पूर्वोत्तर राज्यों में लागू किया जाएगा। उन्होनें योजना के प्रभाव के बारे में बताते हुए राज्यों में गर्भनिरोधकों की पहुंच और मातृ-शिशु दर में आई कमी को लेकर भी चर्चा की। इस योजना से राज्यों में कुल प्रजनन दर (टीएफआर) में कमी आई। नड्डा ने कहा कि टीएफआर को स्थिर रखने के लिए लगातार काम करने की जरूरत है। नड्डा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीएफआर स्तर को कम करने के प्रयासों में लापरवाही न बरतने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि राज्यों के इनपुट और एनएफएचएस डाटा के आधार पर उन इलाकों के लिए योजनाएं बनाई जाएं, जहां टीएफआर अच्छा नहीं है।

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