कुछ माह पहले तक देश में कोरोना रोधी टीकों की भारी किल्लत थी, लेकिन अब भंडार भरा पड़ा है। कोविशील्ड बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट के पास 24 करोड़ से ज्यादा खुराक का भंडार हो गया है। उसे इन्हें संभालने में मुश्किल हो रही है। सीरम इंस्टीट्यूट ने सरकार से आग्रह किया है कि वह कोविशील्ड वैक्सीन का तेजी से इस्तेमाल करे।
सीरम ने सरकार से कुछ रियायतें मांगी है। केंद्र ने उसे कोवैक्स स्कीम के तहत चार देशों को 50 लाख वैक्सीन के निर्यात की इजाजत दी है।आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि सीरम का कहना है कि कोविशील्ड के बढ़ते स्टॉक की वजह से कोविड रोधी टीकों के उत्पादन और उसके शीतगृहों में भंडारण में मुश्किलें आ रही हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सीरम इंस्टीट्यूट के पास कोविशील्ड वैक्सीन की 24,89,15,000 खुराक का स्टॉक हो गया है और यह रोज बढ़ रहा है।
सीरम इंस्टीट्यूट के सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने सरकार को पत्र लिखकर कहा कि हमें अपनी घरेलू और वैश्विक आपूर्ति को पूरा करने के लिए अपने उत्पादन/कोल्ड चेन स्पेस/मानव संसाधन की योजना पहले से ही बनानी होती है। कोविशील्ड के स्टॉक में लगातार बढ़ोतरी होने से हमें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।