सुप्रसिद्ध संत आचार्य तुलसी के नाम पर दिया जाने वाला प्रतिष्ठित ‘आचार्य तुलसी सम्मान’ इस वर्ष एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के महासचिव व दैनिक भास्कर के समूह संपादक प्रकाश दुबे को प्रदान किया गया।
गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली ने मुंबई में आयोजित ‘12वें आचार्य तुलसी सम्मान समारोह’ श्री दुबे को यह सम्मान प्रदान किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आचार्य तुलसी महाप्रज्ञ विचार मंच की ओर से यह सम्मान दिया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मोबाइल फोन के जरिए समारोह को संबोधित करते हुए पुरस्कार के लिए प्रकाश दुबे को बधाई दी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने संदेश में कहा कि प्रकाश दुबे सामाजिक सरोकार वाली पत्रकारिता के पक्षधर रहे हैं।
उनसे मेरे काफी पुराने संबंध हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के साथ साथ हिंदी की भी सेवा कर रहे हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि वे पत्रकारों की नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेंगे।
गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जिसे आगे बढ़ाने में लोक यानी जनता की अहम भूमिका होती है। अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जनता जितनी जागरूक होगी, हमारा लोकतंत्र उतना ही मजबूत होगा।
देश के विकास के लिए हमारे लोकतंत्र की मजबूती भी जरूरी है। राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक है, जिसका समाधान बातचीत के जरिए किया जा सकता है। हम सबके लिए देश हित सर्वोपरि है, जिसके साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
सजग और जिम्मेदार लोग ही हमारे लोकतंत्र को सही राह पर बढ़ा सकते हैं। इसलिए लोक शिक्षा जरूरी है जिसमें पत्रकारों-लेखकों की भूमिका अहम है।
सम्मान समारोह को ईटीवी के जगदीशचंद्र, नूतन सवेरा के संपादक नंदकिशोर नौटियाल, नवनीत के संपादक विश्वनाथ सचदेव, नवभारत टाइम्स के पूर्व संपादक शचीन्द्र त्रिपाठी तथा सम्मानमूर्ति प्रकाश दुबे ने भी संबोधित किया।
‘असम एक भूचाल’, ‘विचार की पत्रकारिता’, ‘राजकाज में लोकलाज’ सहित कई पुस्तकों के लेखक श्री दुबे को इसके पूर्व कई पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। वे सामाजिक सरोकार और विचार की पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
इससे पूर्व यह पुरस्कार विश्वनाथ सचदेव, डा. राममनोहर त्रिपाठी, नंदकिशोर नौटियाल, रमेशचंद्र अग्रवाल, जगदीशचंद्र, शचीन्द्र त्रिपाठी, गुलाब कोठारी, बालकवि बैरागी, आदि को प्राप्त हो चुका है।
आचार्य तुलसी महाप्रज्ञ विचार मंच के अध्यक्ष राजकुमार पुगलिया ने आमंत्रित अतिथियों, सभागत लोगों का स्वागत किया। इस मौके पर जैन मुनि-साध्वियों के अलावा उद्योग-व्यापार, समाज सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ ही बड़ी संख्या में साहित्यकार और पत्रकार मौजूद रहे।