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चीफ जस्टिस को क्लीन चिट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया, धारा-144 लागू 

Tue, 07 May 2019 04:38 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन करती महिला कार्यकर्ता - फोटो : ANI
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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को यौन शोषण के आरोपों से इनहाउस कमेटी की क्लीन चिट के विरोध में मंगलवार को महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रदर्शन किया। करीब 15 मिनट तक यहां गहमागहमी का माहौल रहा। पुलिस ने प्रदर्शन कर रही 52 महिलाओं और तीन पुरुषों को हिरासत में ले लिया। करीब तीन बजे तक मंदिर मार्ग थाने में रखने के बाद इन्हें छोड़ दिया गया। कोई अप्रिय घटना रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आसपास के इलाके में धारा-144 लागू कर दी है।

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भारतीय महिला फेडरेशन की पदाधिकारी एन्नी राजा के नेतृत्व में कोर्ट के सी गेट पर सुबह साढ़े 10 बजे प्रदर्शनकारी एकत्रित हुई थीं। इन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई महिला के सम्मान और न्याय के लिए है। न्याय का पैमाना सबके लिए एक होना चाहिए। पीड़िता का बयान गंभीरता से नहीं लिया गया। भाकपा नेता डी राजा की पत्नी एन्नी राजा ने कहा कि इनहाउस कमेटी ने पक्षपातपूर्ण तरीके से चीफ जस्टिस को क्लीन चिट दी है। यह निर्णय रद्द करना चाहिए। चीफ जस्टिस को पद से हटाकर मामले की जांच करनी चाहिए। 

महिला ने मांगी जांच रिपोर्ट, बोलीं- मुझे फैसले का आधार जानने का हक है 

चीफ जस्टिस पर आरोप लगाने वाली सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी ने इनहाउस कमेटी को पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट की काॅपी मांगी है। महिला ने कहा- मुझे यह जानने का अधिकार है कि जज कैसे, क्यों और किस आधार पर इस निर्णय पर पहुंचे कि मेरे आरोपों में कोई दम नहीं है। मुझे रिपोर्ट देखने का अधिकार है। साथ ही जानने का अधिकार है कि शिकायत खारिज करने के लिए समिति ने किसी गवाह के बयान लिए हैं या नहीं, या किसी अन्य सबूत पर विचार किया है।

महिला ने जांच समिति की कार्यवाही में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले दिन से ही उसके साथ बाहरी जैसा बर्ताव किया गया। कार्यवाही की प्रक्रिया के बारे में नहीं बताया, जबकि यह उसका मूल अधिकार था। हालांकि, बार काउंसिल आफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने चीफ जस्टिस का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप लगाकर न्यायिक संस्था को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

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