भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को पैनकार्ड क्लब्स और इसके डायरेक्टरों की संपत्तियों, महंगी कारों, सोना और ज्वैलरी को अटैच करने का आदेश दिया है। इनकी नीलामी से निवेशकों के 7035 करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी। दिसंबर 2016 में सेबी ने कंपनी और इसके छह डायरेक्टरों के बैंक खाते और डिमेट अकाउंट अटैच किए थे। बाद में कई अचल संपत्तियों को जब्त करने का भी आदेश दिया था।
पिछले चार महीनों के दौरान कंपनी की कई संपत्तियों की नीलामी की जा चुकी है। हालिया आदेश में सेबी ने कहा कि पहले अटैच किए गए विभिन्न बैंक खातों, डिमेट अकाउंट और संपत्तियों की नीलामी से बकाया पैसे की पर्याप्त वसूली नहीं हो सकी है। कंपनी और दिवंगत सीएमडी सुधीर मोरवेकर तथा पांच डायरेक्टरों की आठ संपत्तियों को अटैच करने का आदेश दिया गया है। इनमें महाराष्ट्र स्थित कई आवासीय फ्लैट, कार्यालय परिसर और दुकानें शामिल हैं।
इसके अलावा मर्सिडीज बेंज, टोयोटा इनोवा और हुंडई वेरना समेत 6 गाड़ियां, 25 लाख मूल्य के सोने और गहनों के साथ ही कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्नीचर को भी जब्त करने का आदेश है। कंपनी ने 2002-03 से 2013-14 के दौरान विभिन्न हॉलीडे स्कीम के जरिए 5155516 निवेशकों से हजारों करोड़ रुपये जुटाए थे। शिकायत पर सेबी ने फरवरी 2016 में कंपनी को निवेशकों के 7035 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया था लेकिन कंपनी ऐसा करने में नाकाम रही थी।