कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के शिरूर गांव में 16 जुलाई को राष्ट्रीय राजमार्ग 66 पर हुए भूस्खलन में आठ लोगों की जान चली गई थी। जबकि केरल के कोझिकोड का रहने वाला टैंकर चालक अर्जुन समेत दो अन्य लोग लापता हो गए थे। इनकी तलाश कर्नाटक पुलिस ने शुरू की, लेकिन मौसम खराब होने के चलते तलाश पूरी नहीं हो पाई थी।
उत्तर कन्नड़ जिले के शिरूर गांव में पिछले महीने हुए भूस्खलन के बाद लापता हुए टैंकर चालक और दो अन्य लोगों की तलाश दो सप्ताह बाद फिर से शुरू कर दी गई है। नौ सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल समेत अन्य जांच टीमों ने खोज अभियान फिर से शुरू कर दिया है। 28 जुलाई को खराब मौसम और नदी में तेज बहाव के चलते खोज अभियान रोक दिया गया था।
विज्ञापन
कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के शिरूर गांव में 16 जुलाई को राष्ट्रीय राजमार्ग 66 पर हुए भूस्खलन में आठ लोगों की जान चली गई थी। जबकि केरल के कोझिकोड का रहने वाला टैंकर चालक अर्जुन समेत दो अन्य लोग लापता हो गए थे। इनकी तलाश कर्नाटक पुलिस ने शुरू की, लेकिन मौसम खराब होने के चलते तलाश पूरी नहीं हो पाई थी।
मामले को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर कोझिकोड के टैंकर चालक की तलाश शुरू कराने का अनुरोध किया था।
विज्ञापन
एसपी कारवार नारायण एम ने बताया कि बुधवार से नौसेना, एनडीआरएफ, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, मत्स्य पालन और बंदरगाह विभाग ने खोज अभियान फिर से शुरू कर दिया। केरल की पुलिस टीम भी अभियान में मदद कर रही है। गोताखोर भी बचाव अभियान का हिस्सा हैं। अभियान के तहत लापता केरल के टैंकर चालक अर्जुन और कर्नाटक के दो अन्य लोगों की खोज की जाएगी।
टैंकर चालक के परिजनों ने की थी सेना को तैनात करने की मांग
लापता चालक के परिवार ने प्रधानमंत्री और केरल के मुख्यमंत्री को ई-मेल भेजकर बचाव कार्य के लिए सेना को तैनात करने की मांग की थी। लापता चालक के परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय पर्यटन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को ई-मेल भेजकर कहा था कि उन्हें बचाव कार्य पर भरोसा नहीं है। परिवार के सदस्यों ने कहा था कि अगर कर्नाटक सरकार बचाव कार्य नहीं कर सकती है तो सेना और केरल के लोगों को यह काम करने दे।