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Odisha Girl Ablaze Case: 'बचाओ-बचाओ की चीख, जलती हुई लड़की...', चश्मदीद ने बताई ओडिशा केस की खौफनाक आंखों-देखी

Sun, 20 Jul 2025 10:58 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुरी

सार

Odisha Girl Ablaze Case: ओडिशा में जिस लड़की को आग लगाई गई थी, उसे बचाने वाले शख्स ने घटना की खौफनाक दास्तां बयां की है। उन्होंने बताया कि लड़की बचाओ-बचाओ चीख रही थी। उन्होंने कहा कि अब गांव के बच्चे अकेले बाहर जाने से डरने लगे हैं। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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ओडिशा के पुरी जिले में एक 15 साल की लड़की को अगवा कर जलाने की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। इस वारदात के बाद गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि कैसे वह लड़की शनिवार सुबह आग में जलती हुई उसके घर तक पहुंची और 'बचाओ-बचाओ' की गुहार लगा रही थी।
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'बचाओ-बचाओ की चीख, जलती हुई लड़की...'
बालंगा गांव के रहने वाले दुक्षिश्याम सेनापति ने रविवार को घटना के 90 मिनट की कहानी सुनाई जब लड़की मदद के लिए उसके दरवाजे पर आई थी। उन्होंने बताया कि 'सुबह करीब 8:30 बजे तेज आवाज में दरवाजा खटखटाया गया। जब दरवाजा खोला तो देखा कि एक लड़की जलती हुई हालत में खड़ी है और बहुत दर्द में चिल्ला रही थी।'

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कैसे की लड़की की मदद?
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी की मदद से तुरंत आग बुझाई और लड़की को पानी पिलाया क्योंकि वह बहुत प्यास से परेशान थी। बाद में उनके घर की महिलाओं ने लड़की के कपड़े बदले। जब उन्होंने लड़की से पूछा कि उसके साथ क्या हुआ तो उसने बताया कि तीन अजनबी बाइक सवार उसे अगवा करके भगवती नदी के किनारे ले गए। उन्होंने उसके चेहरे पर रुमाल डालकर कुछ तरल पदार्थ डाला और फिर आग लगा दी। सेनापति ने कहा, 'लड़की बहुत डर और सदमे में थी, इसलिए मैंने उससे ज्यादा सवाल नहीं किए'।

वारदात के बाद मौके से भाग गए थे आरोपी
उन्होंने बताया कि जब लड़की को अगवा किया गया तब उसके हाथ बंधे हुए थे, लेकिन जब वह उनके घर पहुंची तो उसके हाथ खुले थे। लड़की ने अपने पिता का नाम और अपने गांव का पता बताया, जिसके बाद सेनापति ने उसके परिवार को खबर दी। उन्होंने यह भी बताया कि जब वह लड़की की मदद कर रहे थे, तब गांव के बहुत सारे लोग उनके घर पर इकट्ठा हो गए थे। सेनापति ने बताया, 'मैं खुद घर से बाहर भागा और उन अपराधियों की तलाश की, लेकिन वो नहीं मिले। लड़की ने बताया कि उसे जलाने के बाद आरोपी तुरंत वहां से भाग गए। शायद उन्हें लगा कि वो मौके पर ही मर जाएगी, लेकिन वो बहादुर निकली और हमारे घर तक दौड़ती हुई आई।'
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'लड़की को ऑटो रिक्शा में ले गए अस्पताल'
उन्होंने ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (DGP) वाई बी खुरानिया को यह भी बताया कि 108 एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची, जिससे उन्हें लड़की को ऑटो रिक्शा में अस्पताल ले जाना पड़ा। उन्होंने बताया, 'जब हम उसे ऑटो से अस्पताल ले जा रहे थे, उसी समय एम्बुलेंस आई। लड़की लगभग 90 मिनट तक हमारे घर पर रही।' लड़की को 70 प्रतिशत जलने की गंभीर चोटें आई हैं और उसे बेहतर इलाज के लिए एम्स, नई दिल्ली में भर्ती कराया गया है।

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