ओडिशा में एक प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) की अकूत काली कमाई सामने आई है। ओडिशा सतर्कता विभाग की कार्रवाई में डीएफओ और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर 115 भूखंड (प्लॉट) और चार मंजिला एक इमारत का पता चला है। कैश के अलावा चार पहिया और दो पहिया वाहन भी बरामद हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के आधार पर सतर्कता विभाग ने रविवार सुबह क्योंझर के केंदु लीफ डिविजन के डीएफओ के कार्यालय समेत उसके साथ दूसरे ठिकानों पर एकसाथ छापे मारे। क्योंझर के अलावा अंगुल और नयागढ़ जिलों में ये कार्रवाई की गई, जिसमें 115 भूखंड और चार मंजिला इमारत का पता चला, जो उसने अपनी काली कमाई से बनाए थे। सतर्कता विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 53 भूखंड अकेले डीएफओ और 42 भूखंड उसकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर हैं। उसके दो बेटों के नाम पर 16 भूखंड और बेटी के नाम पर चार भूखंड रजिस्टर हैं। साथ ही, अंगुल जिले में एक चार मंजिला इमारत भी डीएफओ से जुड़ी है। इन अचल संपत्तियों की कीमत का आंकलन किया जा रहा है। इसके अलावा डीएफओ के घर से 1.19 लाख रुपये कैश, 3 चार पहिया वाहन और 4 दो पहिया वाहन बरामद हुए हैं।
32 साल में बनाई करोड़ों की संपत्ति
अधिकारियों ने बताया कि डीएफओ ने 1992 में सरकारी सेवा शुरू की और 2024 तक वन विभाग में अलग-अलग पदों पर रहा। इस दौरान उसने अलग-अगल जिलों में भूखंड और मकान खरीदे। एक अधिकारी ने कहा कि ओडिशा सतर्कता विभाग द्वारा अब तक किसी सरकारी कर्मचारी के कब्जे में पाए गए भूखंडों की यह सबसे बड़ी संख्या है।