ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के एक गांव में रिश्तेदार ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर 15 वर्षीय लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने रिश्तेदार को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, अन्य चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
ओडिशा में स्कूली छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में पीड़िता के रिश्तेदार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि स्थानीय अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके अलावा, चार अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि केंद्रपाड़ा जिले के एक गांव में 15 वर्षीय एक लड़की के साथ उसके एक करीबी रिश्तेदार समेत पांच लोगों ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया।
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रक्षाबंधन के दिन किया कुकर्म
उन्होंने बताया कि 10वीं कक्षा की छात्रा ने सोमवार को राजनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बुआ का पति 9 अगस्त को रक्षाबंधन पर उसके घर आया और उसे एक सुनसान जगह पर ले गया, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। अधिकारी ने शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि नाबालिग के रिश्तेदार ने उसे पास के गांव के एक मंदिर में जाने के लिए कहा था, लेकिन वह उसे अपराध स्थल पर ले गया।
अपराध की योजना पहले ही बना ली गई थी
उन्होंने बताया कि नाबालिग ने यह भी आरोप लगाया कि घटनास्थल के पास मौजूद चार अन्य लोगों ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने कहा, 'ऐसा लग रहा है कि अपराध की योजना पहले ही बना ली गई थी। लड़की का रिश्तेदार ही मुख्य आरोपी है।' अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने उसे धमकी दी थी कि अगर उसने इस बारे में अपने परिवार को बताया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दर्ज किया जाएगा पीड़िता का बयान
उन्होंने आगे कहा, हिरासत में लिए गए सभी पांच आरोपियों से पूछताछ की गई है। प्रथम दृष्टया सबूत मिलने के बाद पीड़िता के 29 वर्षीय रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि दुष्कर्म पीड़िता का बयान बुधवार को एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दर्ज किया जएगा।
राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों में नहीं हुआ सुधार: विधायक
स्थानीय विधायक ध्रुब चरण साहू के नेतृत्व में बीजद का एक प्रतिनिधिमंडल दुष्कर्म पीड़िता के घर पहुंचा। उन्होंने कहा, गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के पास है, फिर भी राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों में कोई सुधार नहीं हुआ है।