रीयल एस्टेट को सख्त संदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक डेवलपर्स से कहा कि वह तीन खरीदारों को अंतरिम मुआवजा अदा करें या जेल जाने के लिए तैयार रहें। यूनिटेक इन तीनों खरीदारों को समय पर फ्लैट देने में नाकाम रही थी, जिसके बाद राष्ट्ररीय उपभोक्ता अदालत ने यूनिटेक को इन तीनों खरीदारों को पांच करोड़ रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक खरीदारों को मुआवजा नहीं दिया गया है।
शुक्रवार को यूनिटेक की ओर से पेश वकील ने शीर्ष अदालत केसमक्ष यह स्वीकार किया कि अब तक तीनों खरीदारों को अंतरिम मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने मुआवजा अदा करने के लिए और वक्त देने की गुहार की।
जिस पर शीर्ष अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि बहुत वक्त पहले ही दिया जा चुका है। हालांकि अदालत ने यूनिटेक को चेतावनी के साथ एक और मौका दे दिया। अदालत ने कहा कि 12 अगस्त तक मुआवजा अदा कर दिया जाए या डायरेक्टर जेल जाने के लिए तैयार रहें। यह मामला नोएडा सेक्टर-76 के यूनिटेक केप्रोजेक्ट बरगंडी सोसायटी का है।