अरुणाचल प्रदेश की तेजू विधानसभा सीट से चुने गए निर्दलीय विधायक कारिखो क्रि को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने कारिखो के निर्वाचन को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने गौहाटी हाईकोर्ट की ईटानगर पीठ के 17 जुलाई, 2023 के फैसले को रद्द कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
बता दें कि उच्च न्यायालय ने कारिखो के निर्वाचन को अमान्य घोषित कर दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ निर्दलीय विधायक ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को उनके स्वामित्व वाली प्रत्येक चल संपत्ति का खुलासा करने की जरूरत नहीं है, जब तक कि यह काफी कीमती या विलासितापूर्ण जीवनशैली को न दर्शाती हो।
कारिखो पर क्या थे आरोप?
इससे पहले कांग्रेस नेता एन. तयांग द्वारा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका में 2019 में हुए विधानसभा चुनाव परिणाम की घोषणा को चुनौती दी गई थी। तयांग ने आरोप लगाया था कि कारिखो ने अपने नामांकन पत्र में इस बात का खुलासा नहीं किया कि ईटानगर में उनके पास सरकारी आवास है। यह भी आरोप लगाया गया कि कारिखो ने इस आवास के किराए, बिजली शुल्क, जल शुल्क और टेलीफोन शुल्क के लिए संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेकर जमा नहीं कराया। इसके बाद उच्च न्यायालय ने कहा था कि उनका नामांकन पत्र धारा 36 (2) (बी) के तहत खारिज किया जा सकता है। इसके बाद कारिखों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में 11 अप्रैल, 2019 को विधानसभा चुनाव हुआ और 27 मई को इसका परिणाम आया था। कारिखो ने तेजू विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी।