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सीजेआई, जस्टिस सीकरी के बाद नागेश्वर राव के खिलाफ सुनवाई से एन वी रमण भी हुए अलग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: रचना शर्मा Updated Thu, 31 Jan 2019 11:28 AM IST
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के नागेश्वर राव - फोटो : PTI

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एन वी रमण ने एम नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त करने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया। न्यायमूर्ति रमण ने मामले पर सुनवाई से खुद को अलग करते हुए कहा कि वह एम नागेश्वर की बेटी की शादी में शामिल हुए थे।





इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और जसटिस एके सीकरी भी खुद को इस मामले से अलग कर चुके हैं। अब ये मामला एक नई बेंच को ट्रांसफर किया जाएगा। 


जैसे ही मामला सुनवाई के लिए आया था तभी न्यायमूर्ति सीकरी ने गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे को बताया कि वह इस मामले की सुनवाई नहीं करना चाहते और खुद को इससे अलग कर रहे हैं। उन्होंने कहा था, "आप मेरी स्थिति समझते हैं, मैं इस मामले पर सुनवाई नहीं कर सकता।" 


गौरतलब है कि न्यायमूर्ति सीकरी सीबीआई निदेशक अलोक वर्मा को पद से हटाने वाली उच्च अधिकार प्राप्त समिति का हिस्सा थे। 


इससे पहले देश के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने भी खुद को उस याचिका पर सुनवाई करने से अलग कर लिया था जिसमें सीबीआई के अतंरिम निदेशक के तौर पर एम नागेश्वर राव की नियुक्ति को अदालत में चुनौती दी गई थी। याचिका में सीबीआई निदेशक के चुनाव को शॉर्टलिस्ट करने, चुनाव करने और नियुक्ति करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग की गई है।


गैर सरकारी संगठन 'कॉमन कॉज' और आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने राव की नियुक्ति को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। 16 जनवरी को इस मामले पर सुनवाई थी। जिसमें उनकी तरफ से वकील प्रशांत भूषण पेश हुए थे और उन्होंने मामले पर 18 जनवरी को सुनवाई करने के लिए कहा था जिसपर अदालत ने कहा था कि अगले हफ्ते ही इसपर सुनवाई होगी।


सीबीआई के नए निदेशक की नियुक्ति होने तक सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक राव को 10 जनवरी को अंतरिम प्रमुख का प्रभार सौंपा गया था। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने आलोक कुमार वर्मा को भ्रष्टाचार और कर्तव्य की उपेक्षा के आरोपों के कारण जांच एजेंसी के प्रमुख पद से हटा दिया था।

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