उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को सभी सेवारत शॉर्ट सर्विस कमीशन महिला अधिकारियों को सेना में स्थायी कमीशन देने के अपने फैसले के अनुपालन के लिए केंद्र सरकार को एक और महीने का समय दिया है। फरवरी में अदालत ने महिला अधिकारियों को सेना में स्थायी कमीशन प्रदान किया था।
न्यायालय ने केंद्र को भारतीय सेना में महिला अधिकारियों के लिए स्थायी कमीशन पर अपने फैसले में दिए गए सभी निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया। केंद्र ने कोविड-19 वैश्विक महामारी का हवाला देकर अदालत से छह महीने का समय मांगा था।
रक्षा मंत्रालय के माध्यम से केंद्र ने सर्वोच्च अदालत की पीठ को बताया कि निर्णय लेने की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है और केवल औपचारिक आदेश जारी किए जाने बाकी हैं। बता दें कि अदालत ने फरवरी में दिए अपने फैसले में कहा था कि सामाजिक और मानसिक कारण बताकर महिलाओं को इस अवसर से वंचित करना न केवल भेदभावपूर्ण है, बल्कि अस्वीकार्य भी है। अदालत ने केंद्र को अपने नजरिए और मानसिकता में बदलाव लाने को कहा था।