सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आपसी रिश्तों में खटास आने पर बढ़ते आपराधिक मामले को लेकर चिंता जताई। साथ ही मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा कि सहमति से बने सभी रिश्ते, जिनमें विवाह का आश्वासन हो सकता है उसे विवाद की स्थिति में शादी के झूठे बहाने के रूप में नहीं देखा जा सकता। कोर्ट ने यह टिप्पणी उस बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर की, जिसमें रिश्तों में खटास आने पर लोग आपराधिक कार्यवाही दायर करते हैं।
बता दें कि कोर्ट का यह आदेश उस मामले में आया, जिसमें एक पूर्व न्यायिक अधिकारी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 2014 में, अपने पूर्व पति से विवाद के दौरान वह अपीलकर्ता के संपर्क में आई और अपीलकर्ता ने उसे शादी करने का वादा किया था। हालांकि, जब उसका तलाक हो गया, तो अपीलकर्ता ने उससे संपर्क करना बंद कर दिया।