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गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड: 'बशर्तें ईमानदारी से वृक्षारोपण हो', शीर्ष कोर्ट ने BMC को पेड़ काटने की दी अनुमति

Mon, 17 Nov 2025 07:14 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुंबई की गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के लिए और पेड़ काटने के बीएमसी के नए आवेदन पर वृक्ष प्राधिकरण को फैसला लेने की अनुमति दी, बशर्ते कि इसके बदले वृक्षारोपण पूरी ईमानदारी से किया जाए।
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शीर्ष कोर्ट ने 29 जुलाई को शहर के फिल्म सिटी में इस परियोजना के लिए 95 पेड़ काटने की अनुमति दी थी। हालांकि, चीफ जस्टिस (सीजेआई) बीआर गवई की बेंच ने 27 अक्तूबर को मुंबई में इसके बदले वृक्षारोपण के कमजोर क्रियान्वयन पर सख्त टिप्पणी की और महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी दी कि अगर सुधार नहीं हुआ तो मुंबई मेट्रो और गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड जैसी परियोजनाओं के लिए दी गई सभी पूर्व अनुमतियां रद्द कर दी जाएंगी।

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आज शीर्ष कोर्ट की बेंच ने राज्य के मुख्य सचिव की ओरसे दायर हलफनामे को ध्यान में रखते हुए बीएमसी को आवश्यक पेड़ काटने की अनुमति दी, बशर्ते इसके बदले वृक्षारोपण पूरी ईमानदारी से किया जाए। कोर्ट ने कहा कि इस कार्य में कोई भी अधिकारी लापरवाह पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को संजय गांधी पार्क में वृक्षारोपण की जांच करने और मेट्रो जैसी अन्य परियोजनाओं के लिए भी इसी तरह की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया और 12 हफ्तों के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।
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बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) का यह आवेदन गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के लिए था, जो पश्चिमी एक्सप्रेस राजमार्ग से पूर्वी एक्सप्रेस राजमार्ग तक सड़क सड़क संपर्क बनाएगा और मुलुंड व गोरेगांव के बीच यात्रा समय करीब एक घंटे तक कम करेगा। कोर्ट ने पहले भी जनवरी में बीएमसी के वृक्ष प्राधिकरण को आदेश दिया था कि आरे कॉलोनी में और कोई पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी जाए।



 
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