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नागरिकता कानून पर सुनवाई के लिए तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट

Mon, 16 Dec 2019 12:14 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली कांग्रेस और त्रिपुरा के पूर्व महाराज कीर्ती प्रद्योत देब बर्मन की याचिकाओं पर वह 18 दिसबंर को सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा कि वह अन्य लंबित याचिकाओं के साथ इन याचिकाओं पर 18 दिसंबर को सुनवाई करेगा।

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वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दोनों याचिकाओं को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अपील करते हुए कहा कि इन पर इस संबंध में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) द्वारा दायर याचिका के साथ ही सुनवाई की जाए, जिसपर बुधवार को सुनवाई होनी है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने उच्चतम न्यायालय में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के खिलाफ शुक्रवार को याचिका दाखिल की। उन्होंने इस अधिनियम की वैधता को अदालत में चुनौती दी है। कांग्रेस ने संसद में ही अधिनियम को शीर्ष अदालत में चुनौती देने का संकेत दिया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि वह इस मामले को अदालत लेकर जाएंगे। इसका जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि संसद को मत डराइए कि उसके अधिकार क्षेत्र में कोई अदालत घुस जाएगी।

मुस्लिम लीग ने दाखिल की पहली याचिका

राज्यसभा से नागरिकता अधिनियम को बुधवार को मंजूरी मिली थी और गुरुवार को इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने इसकी वैधता को लेकर उच्चतम न्यायालय में पहली याचिका दायर की। लीग का कहना है कि धर्म के आधार पर नागरिकता नहीं दी जा सकती है। उसने अदालत से विधेयक को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द करने की मांग की है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील कपिल सिब्बल मुस्लिम लीग की तरफ से अदालत में केस लड़ेंगे।

महुआ मित्रा ने दाखिल की याचिका

तृणमूल कांग्रेस के सांसद महुआ मोइत्रा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम की वैधता के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में गुरुवार को याचिका दाखिल की। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबडे की पीठ ने इसपर जल्दी सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने वकील से कहा है कि वह उल्लेख करने वाले अधिकारी के सामने इस मामले का उल्लेख करें।

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