नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से अबतक 11 लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया गया है, लेकिन इस लिस्ट में सावरकर का नाम शामिल नहीं किया गया। संजय राउत ने कहा कि सावरकर को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।
शिवसेना (यूबीटी) ने हिंदुत्व विचारक वीआर अंबेडकर को देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित नहीं करने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की है। एक प्रेस कॉन्फेरेंस को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करने के केंद्र के फैसले को राजनीतिक कदम बताया है।
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शिवसेना (यूबीटी) ने की केंद्र सरकार की आलोचना
नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से अबतक 11 लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया गया है, लेकिन लिस्ट में सावरकर का नाम शामिल नहीं किया गया। मंगलवार को कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती पर उन्हें भारत रतन के लिए नामित किया गया। ठाकुर का निधन 1988 में हुआ था। वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी समाजवादी नेता थे, जिन्हें दो बार बिहार का मुख्यमंत्री बनाया गया।
संजय राउत ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा, 'हमारा स्थान अभी भी वही है कि सावरकर को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। कर्पूरी ठाकुर ओबीसी के नेता हैं और हम इस बात से खुश हैं कि उन्हें भारत रत्न के लिए नामित किया गया है।' उन्होंने आगे कहा, 'चुनाव का समय है और भाजपा के लिए बिहार जरूरी है। बिहार की तरफ से लोकसभा में 40 सांसद जाते हैं और मौजूदा समय में यहां जनता दल (यूनाइटेड) और राष्ट्रीय जनता दल की सरकार है।'
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शिवसेना (यूबीटी) नेता ने भाजपा के फैसले को राजनीतिक स्वार्थ बताया है। उन्होंने कहा, 'भाजपा का हर कदम केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए होता है। आजादी की लड़ाई में शामिल होने वाले सभी स्वतंत्र सेनानियों में सावरकर को छोड़कर सभी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया है।' संजय राउत ने केंद्र सरकार से पूछा कि भाजपा उन्हें भारत रत्न देने से क्यों भाग रही है? बता दें कि स्वतंत्र संग्राम में सावरकर के योगदानों का सम्मान किया जाता है। वहीं आलोचक उनपर कट्टरवादी हिंदुत्व नेता होने का आरोप लगाते हैं।