महाराष्ट्र की सांगली लोकसभा सीट को लेकर महा विकास अघाड़ी गठबंधन (एमवीए) में खींचतान बनी हुई है। अटकलें हैं कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के इस सीट पर उम्मीदवार के एलान करने के बाद कांग्रेस में बगावत शुरू हो गई है। ऐसे में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता संजय राउत ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र की सांगली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने को लेकर दृढ़ है। साथ ही उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस को नसीहत दी है कि किसी को भी ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिले।
महा विकास अघाड़ी में फूट!
दरअसल, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने बुधवार को महाराष्ट्र की 16 सीटों के लिए प्रत्याशियों का एलान किया। इससे कांग्रेस में बगावत शुरू हो गई है। वहीं, महा विकास अघाड़ी में फूट के संकेत मिलने लगे। इन्हीं सब अटकलों से जुड़े सवालों का जवाब संजय राउत दे रहे थे। बता दें, महा विकास अघाड़ी गठबंधन (एमवीए) का जो राजनीतिक दल हिस्सा हैं वो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार वाली राकांपा है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने अपने एमवीए सहयोगी से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है।
यह सीटें कांग्रेस के पाले में
राउत ने कहा, 'गठबंधन में हमेशा लेन-देन होता है। हमने रामटेक, कोल्हापुर की सीटें कांग्रेस को दे दी। इतना ही नहीं अमरावती को भी कांग्रेस को दे दिया। यहां तक कि हमारे स्थानीय कार्यकर्ता परेशान थे, लेकिन हमने नाराजगी बढ़ने नहीं दी।'
क्या एक सीटे के लिए पीछे हटेगी कांग्रेस?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पाले में रामटेक गई तो यूबीटी शिवसेना ने कहा कि वह मुंबई उत्तर से चुनाव लड़ेगी। राउत ने कहा कि गठबंधन को बढ़ाने और मजबूत करने की जरूरत होती है, न कि व्यक्तिगत दलों की। कांग्रेस को देश का नेतृत्व करना है और इसके लिए हम पार्टी का समर्थन करते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस सिर्फ एक सीट (सांगली) के लिए भाजपा के खिलाफ लड़ाई छोड़ देगी?
अगर विपक्षी गठबंधन एकजुट रहता...
उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी गठबंधन एकजुट रहता है तो एमवीए आसानी से सांगली सीट जीत सकता है। शिवसेना (यूबीटी) ने सांगली से पहलवान चंद्रहर पाटिल को चुनावी मैदान में उतारा है। उन्होंने आगे कहा, 'अगर किसी का इरादा भाजपा की मदद करना है तो हम ऐसा होने नहीं देंगे।'
कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी सांगली, मुंबई दक्षिण मध्य और मुंबई उत्तर पश्चिम सीटों से चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) पहले ही सूची जारी कर चुकी है।
लोकतंत्र की रक्षा करना अंबेडकर का कर्तव्य
राउत से प्रकाश आंबेडकर नीत वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) के लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने के फैसले के बारे में भी पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा, 'संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना आंबेडकर का कर्तव्य है। मुझे यकीन है कि आंबेडकर भाजपा की मदद के लिए कोई कदम नहीं उठाएंगे।'
महाराष्ट्र में पांच चरणों में होगा मतदान
महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों पर पांच चरणों में 19 अप्रैल, 26 अप्रैल, 7 मई, 13 मई और 20 मई को चुनाव होंगे और वोटों की गिनती चार जून को होगी। महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा 48 लोकसभा सीटें हैं।
2019 में किसने मारा था मैदान?
वर्ष 2019 के आंकड़ों पर गौर करें तो महाराष्ट्र की 48 सीटों में से 23 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की थी। शिवसेना ने 18, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने एआईएमआईएम ने एक एक सीट पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा एक सीट निर्दलीय के खाते में गई थी।