अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान गबन की घटना के बाद अब सिद्धिविनायक मंदिर के भी दान में गबन का दावा किया गया है। ये दावा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने किया है। वहीं शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने उनके इस दावे का समर्थन भी किया है। हालांकि, इस मामले में अभी तक मंदिर ट्रस्ट और सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।
शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने रविवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के सिद्धिविनायक मंदिर में दान राशि की कथित चोरी के आरोपों का समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि मंदिर का प्रबंधन एकनाथ शिंदे के करीबी लोगों के हाथ में आने के बाद दान में गड़बड़ी की घटनाएं बढ़ी हैं। संजय राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज ठाकरे ने जो आरोप लगाए हैं, उनमें गंभीर सच्चाई छिपी हुई है। उनका कहना था कि सिद्धिविनायक मंदिर की दान पेटी से पैसे चोरी होने की घटनाएं तब से बढ़ी हैं, जब मंदिर का संचालन शिंदे गुट से जुड़े लोगों के पास गया।
राज ठाकरे ने क्या कहा था?
राज ठाकरे ने शनिवार को अपनी पार्टी की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम में आरोप लगाया था कि मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की दान राशि की हेराफेरी की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई है। अपने आरोपों के समर्थन में ठाकरे ने कहा था कि सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के आठ ट्रस्टियों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक पत्र लिखा था। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रस्टियों की सतर्कता के कारण मंदिर की दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को पकड़ा गया था।
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भाजपा पर भी संजय राउत ने लगाए आरोप
संजय राउत ने अयोध्या राम मंदिर के मामले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां दान राशि के कथित गबन में भाजपा से जुड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में बड़े लोग बच गए, जबकि छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश के कई मंदिरों में चोरी और अनियमितताओं की घटनाएं हो रही हैं और इन मंदिरों का नियंत्रण भाजपा से जुड़े लोगों के पास है।
सिद्धिविनायक ट्रस्ट के अध्यक्ष कौन हैं?
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर हैं। वह उन 39 विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना से अलग होकर बगावत की थी।
सीएम फडणवीस पर भी की टिप्पणी
संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह देश के अच्छे शिक्षा मंत्री बन सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शायद ऐसा ही मानते हैं।
आरोपों पर आधिकारिक पुष्टि नहीं
राज ठाकरे और संजय राउत द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर फिलहाल सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट, महाराष्ट्र सरकार या संबंधित एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।