सांगली में कथित सामूहिक खुदकुशी के इस खुलासे से हडकंप मच गया है। यह मामला सामूहिक आत्महत्या के बजाए सामूहिक हत्याकांड में तब्दील हो गया है। पुलिस ने तांत्रिक अब्बास व उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।
महाराष्ट्र के सांगली जिले में कर्ज में डूबने से नौ लोगों द्वारा सामूहिक खुदकुशी के मामले में हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। परिवार ने सामूहिक आत्महत्या नहीं की वरन तांत्रिक अब्बास मोहम्मद अली ने इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार तांत्रिक ने परिवार के लोगों को बारी-बारी से चाय पिलाई और सभी नौ लोग एक-एक कर मौत के मुंह में समा गए।
इन लोगों के मिले थे शव, सुसाइड नोट भी मिले
शिक्षक पोपट वनमोर (54), पशु चिकित्सक डॉ माणिक वनमोर (49), 74 वर्षीय उनकी मां, दोनों भाइयों की पत्नियां और चार बच्चे दोनों घरों में मृत मिले थे। सांगली पुलिस को दोनों भाइयों के घरों पर शव मिलने के साथ ही वहां सुसाइड नोट भी मिले थे। एक शव के पास एक शीशी भी मिली थी। ये देखकर पुलिस को पहले शंका हुई कि यह सामूहिक खुदकुशी का मामला है। सुसाइड नोट में कुछ साहूकारों के भी नाम थे, जिन्हें वनमोरे बंधुओं ने अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था।
आत्महत्या के उकसाने पर 19 को गिरफ्तार किया
पुलिस ने माना कि गड़ा या गुप्त धन पाने के चक्कर में वनमोरे बंधुओं ने लोगों से कर्ज लिया हुआ था। इस पर 19 लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। घटनास्थल पर मिली शीशियों में से एक शव के पास जहर की शीशी मिली थी।
पुलिस को इसलिए हुआ शक और हो गया भंडाफोड़
जांच के दौरान पुलिस को सुसाइड नोट में दर्ज विवरण पर शक हुआ। पुलिस का कहना है कि अक्सर सुसाइड नोट में खुदकुशी करने वाला पहले इसका कारण लिखता है। इसके बाद वह अपनी खुदकुशी के जिम्मेदार लोगों के नाम लिखता है। वनमोरे बंधुओं के केस में सुसाइड नोट में सबसे पहले कुछ लोगों के नाम लिखे थे। यह भी जिक्र नहीं था कि सामूहिक खुदकुशी क्यों की जा रही है? इसके बाद शक और गहराया और पुलिस ने तांत्रिक अब्बास पर शिकंजा कसा। पुलिस का मानना है कि वनमोरे भाइयों से तांत्रिक ने किसी बहाने से साहूकारों के नाम लिखवाए होंगे, ताकि इसी कागज का सुसाइड नोट का रूप देकर पूरे मामले को सामूहिक खुदकुशी साबित किया जा सके। सांगली पुलिस अधीक्षक दीक्षित गेडाम के अनुसार मुख्य आरोपी मोहम्मद अब्बास बागवान और ड्रावर सुरवासे को सोलापुर से गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर भादंवि की धारा 302 के तहत हत्या का केस दर्ज किया गया है। उनसे पूछताछ जारी है।