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संदेशखाली: भाजपा नेता बोले- वायरल वीडियो में मेरी आवाज नहीं, सीएम ममता बनर्जी बोलीं- BJP ने लिखी पूरी पटकथा

Sat, 04 May 2024 04:53 PM IST
जलज मिश्रा अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता

सार

भाजपा नेता बोले- हाई टेक्नोलॉजी के माध्यम से मेरी आवाज को वीडियो में डाला गया है। मैं इस संबंध में सीबीआई जांच की मांग करूंगा। मैं सीबीआई के पास जाउंगा और आईपैक और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जांच की मांग करूंगा, ताकि उन पर कार्रवाई हो सके।
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संदेशखाली की प्रदर्शनकारी महिलाएं और सीएम ममता बनर्जी। - फोटो : ANI
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विस्तार
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क्या संदेशखाली में महिलाओं पर हुए उत्पीड़न पूरी तरह से सुनियोजित थे? ये सवाल इसिलए उठ रहे हैं क्योंकि शनिवार को संदेशखाली उत्पीड़न मामले में एक वीडियो के वायरल हो रहा है। इस स्टिंग वीडियो के सामने आने से संदेशखाली कांड में अब नया मोड़ आ गया है। 32 मिनट, 43 सेकंड के इस स्टिंग ऑपरेशन वीडियो से पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। वीडियो में दावा  है कि इतने लंबे समय से आंदोलन कर रही संदेशखाली में महिलाओं पर अत्याचार का आरोप झूठा और मनगढ़ंत है। पूरा मामला भाजपा ने रचाया है। स्टिंग वीडियो के मुताबिक, कथित तौर पर संदेशखाली के एक स्थानीय भाजपा नेता ने वीडियो में यह बात स्वीकारी है। हालांकि अमर उजाला इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता।

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वीडियो में एक व्यक्ति यह स्वीकार करता हुआ सुनाई दे रहा है कि दुष्कर्म सहित विभिन्न आरोप योजना के अनुसार लगाए गए थे। वीडियो में उनकी पहचान संदेशखाली 2 ब्लॉक के भाजपा के 'मंडल अध्यक्ष' गंगाधर कयाल के रूप में कराया गया है। वायरल वीडियो में गंगाधर एक कमरे में कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे थे। कोई उनसे सवाल पूछ रहा है और वह जवाब दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आते ही टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोल दिया है। अपने ट्वीट में ममता बनर्जी ने सीधे-सीधे तौर पर भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

बंगाल को बदनाम करने की कोशिश: ममता
ममता बनर्जी ने एक्स पर कहा, संदेशखाली का स्टिंग वीडियो चौंकाने वाला है। इस वीडियो ने साफ कर दिया कि यह एक साजिश है। बंगाल की प्रगतिशील सोच और संस्कृति के प्रति बांग्ला-विरोधियों ने अपनी नफरत से हमारे राज्य को हर संभव स्तर पर बदनाम करने की साजिश रची। भारत के इतिहास में पहले कभी भी दिल्ली की किसी सत्ताधारी पार्टी ने पश्चिम बंगाल और उसके लोगों को बदनाम करने की कोशिश नहीं की। इतिहास गवाह है जब भी बंगाल दिल्ली के षड्यंत्रकारी शासन के खिलाफ उतरता है तो उसे उखाड़ फेंकता है।"

मेरी आवाज को बदला गया, अभिषेक बनर्जी पर करूंगा मामला : गंगाधर
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इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने एक्स हैंडल पर एक वीडियो साझा की। इसमें गंगाधर कयाल यह कहते हुए सुने जा सकते हैं… ‘मैं गंगाधर कयाल, संदेशखाली दो नंबर मंडल का मंडल अध्यक्ष हूं। मेरे खिलाफ जो वीडियो वायरल हुआ है। यह पूरी तरह से षडयंत्र है। हाई टेक्नोलॉजी के माध्यम से मेरी आवाज को विकृत किया गया है। यह मुझे, मेरी पार्टी और संदेशखाली में जिन मां और बहनों ने आंदोलन किया और हमारे नेता शुभेंदु अधिकारी को बदनाम करने का षडयंत्र है। मैं इस संबंध में सीबीआई जांच की मांग करूंगा। मैं सीबीआई के पास जाउंगा और आईपैक और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जांच की मांग करूंगा, ताकि उन पर कार्रवाई हो सके। चुनाव से पहले बंगाल को बदनाम करने की साजिश
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को भाजपा पर आरोप लगाया और कहा कि संदेशखाली मामले में भाजपा का हाथ है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि  मैंने कभी नहीं सोचा था कि वोट पाने के लिए बंगाल की राजनीति इतनी नीचे गिर जाएगी। हम पहले दिन से कह रहे हैं कि चुनाव से पहले बंगाल को बदनाम करने की साजिश रची गई है।

यह तृणमूल कांग्रेस का षडयंत्र: रेखा
इस बीच, बशीरहाट से भाजपा उम्मीदवार रेखा पात्रा ने कहा, यह तृणमूल की चाल है। जो कुछ भी कहा गया है उसमें किसी तरह की कोई सत्यता नहीं है। यह झुठ का पुूलिंदा है। मुझे लगता है कि तृणमूल ने शायद डर दिखाकर बोलने पर मजबूर किया होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता इस तरह की बात कह ही नहीं सकता। यह पूरी तरह से तृणमूल कांग्रेस का षडयंत्र है।

भाजपा के कारण टीएमसी को कीमत चुकानी पड़ी
पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी दल- टीएमसी की नेता शशि पंजा ने कहा, ऊपर से नीचे तक भाजपा झूठ और धोखे से भरी है। पश्चिम बंगाल को इसकी कीमत चुकानी पड़ी। संदेशखाली के लोगों को गुमराह किया गया और उनसे झूठ बोला गया।



बंगाल भाजपा प्रमुख क्या बोले?
राज्य की भाजपा ईकाई के प्रमुख सुकांत मजूमदार ने कहा, संदेशखाली में हुए पाप को छिपाने और दबाने के लिए ममता बनर्जी यह सब कर रही हैं। एक वीडियो सामने आया है लेकिन क्या आप वीडियो पर भरोसा करेंगे या उन महिलाओं पर यकीन करेंगे जो हलफनामे के जरिए अदालत में इस बारे में बात कर रही हैं। ममता बनर्जी को जाकर संदेशखाली की महिलाओं से बात करनी चाहिए थी। उन्होंने वायरल वीडियो को मामले को दबाने के लिए दुष्प्रचार करार दिया। बता दें कि मजूमदार बालूरघाट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
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